एक समय था जब कृष्णा ग्रोवर (Krishna Grover) हर महीने 3,500 रुपये कमाते थे। आज उनका इलेक्ट्रिक बाइक (Electric Bike) का कारोबार देशभर में फैल चुका है। उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में रहने वाले कृष्णा ने जिंदगी में कई मुश्किलों का सामना किया। 13 साल की उम्र में पिता को खोने के बाद उन्होंने कम उम्र में ही काम करना शुरू कर दिया। धीरे-धीरे उन्होंने अपने करियर में तरक्की की और एक इंटरनेशनल BPO कंपनी में मैनेजमेंट के पद तक पहुंचे। लेकिन कुछ समय बाद उन्होंने नौकरी छोड़कर अपना कारोबार शुरू करने का फैसला किया।
पत्नी द्वारा की गयी सेविंग से ऐसे शुरू किया बिजनेस
अच्छी नौकरी होने के बावजूद कृष्णा ने अपना कारोबार शुरू करने का फैसला किया। इसके लिए उनकी पत्नी रितिका की बचत ने शुरुआती पैसों का इंतजाम करने में मदद की। उन्होंने 2018 में इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर का कारोबार शुरू किया। दिसंबर 2022 में कंपनी का रजिस्ट्रेशन हुआ। बाद में उनके दोस्त और पूर्व सहकर्मी विनय कुमार भी सह-संस्थापक (co-founder) के तौर पर इस कारोबार से जुड़ गए।
कृष्णा और विनय ने छोटे शहरों में इलेक्ट्रिक स्कूटर की बढ़ती जरूरत को देखते हुए कारोबार आगे बढ़ाया। उनका ध्यान ऐसे स्कूटर उपलब्ध कराने पर रहा, जो किफायती हों और लंबे समय तक चल सकें। इसके साथ ही उन्होंने कस्टमर को बिक्री के बाद बेहतर सर्विस देने और ज्यादा शहरों तक पहुंच बनाने पर भी काम किया।
कंपनी के बिजनेस से जुड़ी कुछ अहम बातें:
• शोरूम: देशभर में 550 से ज्यादा एक्टिव शोरूम
• महीने का रेवेन्यू: करीब 1.5 करोड़ रुपये
• मॉडल: कुल 34 इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर मॉडल
• आगे का लक्ष्य: वित्त वर्ष 2026-27 में 20 करोड़ रुपये का सालाना रेवेन्यू हासिल करना
रिपोर्ट के मुताबिक, हेराल्ड ई-बाइक्स (Herald E-Bikes) के पास अभी 34 तरह के इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर मॉडल (Electric two-wheeler model) हैं। इनमें 23 कम रफ्तार वाले और 11 तेज रफ्तार वाले मॉडल शामिल हैं। कंपनी अब भारत के बाहर नेपाल और श्रीलंका में अपना बिजनेस बढ़ाने की तैयारी कर रही है।