दिल्ली यूनिवर्सिटी के कॉलेज मिरांडा हाउस और लद्दाख यूनिवर्सिटी के बीच एक समझौता हुआ है। इससे स्टूडेंट्स के लिए स्टडी और रिसर्च के नए मौके खुलेंगे। दोनों संस्थानों ने 22 सितंबर 2026 को लेह में समझौते पर हस्ताक्षर किए। यह समझौता मिरांडा हाउस के भूगोल विभाग की ओर से आयोजित फील्ड विजिट के दौरान हुआ। लद्दाख की इस विजिट में मिरांडा हाउस की 57 स्टूडेंट्स और 4 शिक्षक शामिल थे।
दोनों संस्थाओं के स्टूडेंट्स मिलकर रिसर्च कर सकेंगे
इस समझौते के तहत दोनों संस्थानों के स्टूडेंट्स कई रिसर्च और फील्डवर्क मिलकर कर सकेंगे। स्टूडेंट्स को अलग-अलग विषयों के बारे में सीखने और काम करने के लिए एक-दूसरे के संस्थानों में जाने का मौका मिलेगा। इससे स्टूडेंट्स को क्लास रूम की सीमाओं से बाहर निकल चीज़ों की व्यावहारिक समझ हासिल करने में मदद मिलेगी।
फील्ड विज़िट के दौरान, मिरांडा हाउस की ज्योग्राफी ऑनर्स की थर्ड ईयर की छात्राओं ने लद्दाख से जुड़े कई मसलों पर चर्चा की। उन्होंने हेल्थकेयर, शिक्षा, सड़क कनेक्टिविटी और दूसरी सुविधाओं, सुरक्षा, ट्रांसपोर्टेशन, टूरिज़्म, रोज़गार और पर्यावरण जैसे मसलों को समझने की कोशिश की।
स्टूडेंट्स को प्रसाशन के टॉप अधिकारियों से बातचीत का मौका मिला
छात्राओं ने आशीष कुंद्रा (लद्दाख के चीफ सेक्रेटरी और लेफ्टिनेंट गवर्नर के सलाहकार), भानु प्रभा (एडमिनिस्ट्रेटिव सेक्रेटरी) और प्रो. साकेत कुशवाहा (लद्दाख यूनिवर्सिटी के वाइस-चांसलर) के साथ लगभग एक घंटे तक बातचीत की। अधिकारियों ने छात्राओं के सवालों के जवाब दिए और लद्दाख में चल रहे प्रोजेक्ट्स और एडमिनिस्ट्रेटिव सिस्टम के बारे में जानकारी दी।
लद्दाख की खास भौगोलिक और रणनीतिक स्थिति की ली जानकारी
स्टूडेंट्स ने लद्दाख यूनिवर्सिटी के डीन और अलग-अलग विभागों के प्रमुखों से भी बातचीत की। इस बातचीत के दौरान, उन्हें लद्दाख में पढ़ाई और रिसर्च के मौकों के बारे में जानकारी दी गई। छात्रों ने आर्म्ड फोर्सेज के अधिकारियों से भी बात की और लद्दाख की खास भौगोलिक और रणनीतिक स्थिति को समझने की कोशिश की।
मिरांडा हाउस की प्रिंसिपल भी कार्यक्रम में ऑनलाइन शामिल हुईं
मिरांडा हाउस की प्रिंसिपल प्रोफ़ेसर बिजयलक्ष्मी नंदा भी इस कार्यक्रम में ऑनलाइन शामिल हुईं। उन्होंने दोनों संस्थानों के बीच इस तरह के एकेडमिक सहयोग को बढ़ावा देने की वकालत की। इस फ़ील्ड विज़िट ने छात्रों को खास अनुभव दिया। उन्हें इलाके के लोगों, प्रशासन, पर्यावरण और विकास से जुड़े मुद्दों को समझने का मौका मिला। MoU पर साइन होने के बाद, दोनों संस्थानों के छात्र और फैकल्टी भविष्य में रिसर्च, फ़ील्ड स्टडी और दूसरी एकेडमिक गतिविधियों में मिलकर काम कर सकेंगे।
(दिल्ली से शुभांगी तिवारी की रिपोर्ट)