Wheat MSP hiked: रबी फसलों के MSP में भारी बढ़ोतरी! गेहूं का भाव ₹2610 तो सरसों 6613 रुपये प्रति क्विंटल हुआ

Wheat MSP hiked: केंद्रीय मंत्रिमंडल ने रबी मार्केटिंग सीजन (RMS) 2027-28 के लिए गेहूं के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में 25 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि को मंजूरी दे दी है। इसके साथ गेहूं का एमएसपी बढ़कर 2,610 रुपये प्रति क्विंटल हो गया है। MSP में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी कुसुम (Safflower) के लिए 675 रुपये प्रति क्विंटल की गई है

अपडेटेड Sep 30, 2026 पर 3:35 PM
  • Follow Us On Google
  • Add as a Preferred Source on Google
Wheat MSP hiked: गेहूं रबी की प्रमुख फसल है। इसकी बुवाई आमतौर पर अक्टूबर में शुरू होती है

Wheat MSP hiked: किसानों को केंद्र की मोदी सरकार ने बड़ा तोहफा दिया है। रबी मार्केटिंग सीजन (RMS) 2027-28 के लिए छह प्रमुख रबी फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में भारी बढ़ोतरी की गई है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार (30 सितंबर) को रबी मार्केटिंग सीजन (RMS) 2027-28 के लिए गेहूं के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में 25 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि को मंजूरी दे दी। कृषि लागत एवं मूल्य आयोग (CACP) की सिफारिश के मुताबिक गेहूं, जौ, चना, मसूर, रेपसीड-मस्टर्ड और कुसुम के नए MSP जारी किए गए हैं। प्रस्तावित MSP के अनुसार गेहूं का MSP ₹2610 प्रति क्विंटल, जौ का ₹2286, चना ₹5958, मसूर ₹7390, रेपसीड/सरसों ₹6613 और कुसुम 7215 रुपये प्रति क्विंटल होगा।

पीएम मोदी का किसानों को तोहफा

कृषि मंत्रालय ने कॉर्प ईयर (जुलाई-जून) 2026-27 के लिए गेहूं का उत्पादन लक्ष्य 12.1 करोड़ टन रखा है। बता दें कि गेहूं रबी की प्रमुख फसल है। इसकी बुवाई आमतौर पर अक्टूबर में और कटाई अप्रैल से शुरू होती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति (CCEA) ने मार्केटिंग सीजन 2027-28 के लिए सभी तय रबी फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में बढ़ोतरी को मंजूरी दी है।


MSP में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी कुसुम (Safflower) के लिए 675 रुपये प्रति क्विंटल की गई है। इसके बाद रेपसीड और सरसों के लिए 413 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी हुई है। मसूर, जौ, चना और गेहूं के लिए क्रमशः 390 रुपये प्रति क्विंटल, 136 रुपये प्रति क्विंटल, 83 रुपये प्रति क्विंटल और 25 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की गई है।

रबी फसलों की अनुमानित मार्जिन

औसत उत्पादन लागत पर अनुमानित मार्जिन गेहूं के लिए 106 प्रतिशत है। इसके बाद रेपसीड और सरसों के लिए 96 फीसदी, मसूर के लिए 92 प्रतिशत, चना के लिए 59 प्रतिशत, जौ के लिए 58 प्रतिशत और कुसुम (सैफ्लावर) के लिए 50 प्रतिशत है। रबी फसलों के MSP में इस बढ़ोतरी से किसानों को अच्छी कीमत मिलेगी। अलग-अलग तरह की फसलें उगाने को बढ़ावा मिलेगा।

हाल के वर्षों में सरकार अनाज के अलावा अन्य फसलों, जैसे दालों और तिलहन की खेती को बढ़ावा दे रही है। इन फसलों के लिए ज्यादा MSP दे रही है। प्रस्तावित MSP पर RMS 2027-28 में करीब 324 लाख मीट्रिक टन इन छह रबी फसलों की खरीद के लिए किसानों को लगभग ₹90,962 करोड़ के भुगतान का अनुमान जताया गया है।

MSP_

पिछले MSP के मुकाबले कितना बढ़ा?

2026-27 के आधिकारिक MSP से तुलना करें तो प्रस्तावित दरों में गेहूं का MSP ₹25, जौ का ₹136, चने का ₹83, मसूर का ₹390, रेपसीड/सरसों का ₹413 और कुसुम का ₹675 प्रति क्विंटल अधिक है। पिछले RMS 2026-27 के MSP क्रमशः ₹2,585, ₹2,150, ₹5,875, ₹7,000, ₹6,200 और ₹6,540 थे।

ये भी पढ़ें- यूपी, पंजाब, हरियाणा, MP से अगले 2-3 दिनों में मानसून की विदाई! उधर मौसम विभाग ने इन राज्यों में दिया भारी बारिश का अलर्ट

हिंदी में शेयर बाजार,  स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।