Mumbai Airport Standoff: मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एयरपोर्ट के ऑपरेटर अदाणी एयरपोर्ट्स और विमानन कंपनियों के बीच रस्साकशी और तेज हो गई है। अदाणी एयरपोर्ट्स ने साफ कर दिया है कि समर 2027 शेड्यूल से मुंबई एयरपोर्ट के टर्मिनल-2 पर क्षमता को 50 लाख यात्री प्रति वर्ष के बराबर सीमित करना बेहद जरूरी है।
एयरपोर्ट ऑपरेटर MIAL ने एयरलाइंस को दिए अपने ताजा संदेश में विकल्प दिया है कि वे अपनी कुछ या पूरी अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट शिफ्ट कर सकती हैं, या टर्मिनल 1 के री-डेवलपमेंट तक अपनी उड़ानों को अस्थायी रूप से रोक सकती हैं। एयरलाइन ऑपरेटर्स कमेटी ने अदाणी ग्रुप के इस फैसले का कड़ा विरोध किया है।
एयरलाइंस को दिए गए 3 बड़े विकल्प
MIAL ने एयरलाइंस को ईमेल भेजकर अपनी अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के ट्रांसफर प्लान पर विचार करने को कहा है। इसके तहत ऑपरेटर ने 3 रास्ते सुझाए हैं:
नवी मुंबई एयरपोर्ट शिफ्ट हों: एयरलाइंस T2 से अपनी अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का कुछ या पूरा हिस्सा नए नवी मुंबई एयरपोर्ट में ट्रांसफर कर लें।
कामकाज निलंबित करें: T1 के पुनर्विकास का काम पूरा होने तक मुंबई एयरपोर्ट से उड़ानों का संचालन अस्थायी रूप से रोक दें।
अन्य विकल्प तलाशें: इसके अलावा उपलब्ध अन्य वैकल्पिक व्यवस्थाओं पर विचार करें।
अदाणी एयरपोर्ट्स ने आश्वासन दिया है कि T1 का पुनर्विकास पूरा होने के बाद सभी एयरलाइंस के ऐतिहासिक स्लॉट्स को बहाल कर दिया जाएगा।
एयरलाइंस का तीखा विरोध, मांगे ठोस आंकड़े
एयरलाइंस की प्रतिनिधि संस्था 'एयरलाइन ऑपरेटर्स कमेटी' ने अदाणी ग्रुप के इस कदम को सिरे से खारिज कर दिया है। एयरलाइंस का कहना है कि:
उन्होंने मुंबई से नवी मुंबई के लिए अंतरराष्ट्रीय फ्लाइट्स शिफ्ट करने या अपने स्लॉट्स की संख्या कम/रद्द करने पर कोई सहमति नहीं दी है।
MIAL ने T1 रिफर्बिशमेंट की समय-सीमा, संरचनात्मक सुरक्षा रिपोर्ट और टर्मिनल-वार पैसेंजर क्षमता के ठोस आंकड़े शेयर नहीं किए हैं।
T1 की मौजूदा क्षमता 10 MPPA से कम है और मार्च 2027 तक T2 में 5 MPPA की नई क्षमता जुड़ने की उम्मीद है। ऐसे में उड़ानों में कटौती का प्रस्ताव बिना किसी डेटा के मंजूर नहीं किया जा सकता।
28 अक्टूबर की बैठक पर टिकी सबकी नजरें
13 अक्टूबर को अदाणी एयरपोर्ट्स के शीर्ष नेतृत्व और एयरलाइंस के प्रतिनिधियों के बीच बैठक हुई थी, जिसमें इस मुद्दे को आपसी विचार-विमर्श से सुलझाने का आश्वासन दिया गया था। इसके बाद 16 अक्टूबर को MIAL ने एयरलाइंस से समर 2027 के लिए बातचीत शुरू करने को कहा।
एयरलाइंस ने स्पष्ट कर दिया है कि व्यक्तिगत बैठकों में भाग लेने का मतलब यह नहीं है कि वे प्रस्ताव को स्वीकार कर रहे हैं।
नागरिक उड्डयन मंत्रालय के मई 2013 के स्लॉट-आवंटन दिशानिर्देशों और IATA वर्ल्डवाइड एयरपोर्ट स्लॉट गाइडलाइन्स का पालन किए बिना कोई भी एकतरफा कार्रवाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
अब 28 अक्टूबर 2026 को होने वाली आगामी हितधारक बैठक बेहद महत्वपूर्ण होगी, जिससे तय होगा कि दोनों पक्ष किसी समझौते पर पहुंच पाते हैं या विवाद और बढ़ता है।