Nagpur MLC Seat: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के मुख्यालय और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के गृह क्षेत्र नागपुर में भारतीय जनता पार्टी को बड़ा झटका लगा है। नागपुर संभाग स्नातक निर्वाचन क्षेत्र सीट के लिए हुए चुनाव में कांटे के मुकाबले में कांग्रेस उम्मीदवार और मौजूदा विधान परिषद सदस्य (MLC) अभिजीत वंजारी ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी तथा भारतीय जनता पार्टी (BJP) के उम्मीदवार को 3,271 मतों से हराकर सीट बरकरार रखी है।
मतगणना मंगलवार (27 अक्टूबर) सुबह शुरू हुई और गुरुवार (29 अक्तूबर) तड़के समाप्त हुई। कांग्रेस ने मौजूदा विधान परिषद सदस्य वंजारी को उम्मीदवार बनाया था जिन्हें 67,231 वोट मिले। जबकि बीजेपी ने पूर्व विधायक सुधाकर कोहले को मैदान में उतारा था, जिन्हें 63,960 वोट मिले।
बीजेपी के लिए क्यों झटका है?
यह BJP के लिए बड़ा झटका है क्योंकि उसे महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के गृह क्षेत्र में हार का सामना करना पड़ा। दोनों नेताओं ने कोहले के लिए व्यापक प्रचार किया था। इतना ही नहीं यहीं पर आरएसएस का मुख्यालय भी है। बुधवार को मतगणना के दूसरे दौर के बाद कोहले, कांग्रेस के अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी से 4,294 मतों से आगे थे।
गडकरी कर चुके हैं इस सीट का प्रतिनिधित्व
निर्वाचन अधिकारी ने पीटीआई को बताया कि पहली वरीयता के मतों के आधार पर मतगणना के दूसरे दौर के बाद कोहले को 60,924 वोट मिले थे। जबकि वंजारी को 56,630 वोट मिले थे। इसके अलावा निर्दलीय उम्मीदवार नितेश कराले को 24,249 वोट मिले थे। हालांकि, किसी भी उम्मीदवार को जीत के लिए जरूरी मतों का कोटा नहीं मिलने के कारण दूसरी वरीयता के मतों की गिनती की गई।
बीजेपी के लिए इस सीट से हारना इसलिए बड़ा झटका है क्योंकि नागपुर संभाग स्नातक निर्वाचन क्षेत्र का लंबे समय तक केंद्रीय मंत्री गडकरी प्रतिनिधित्व करते रहे थे। वह कई कार्यकाल तक इस सीट से विधान परिषद सदस्य रहे।
गडकरी जुलाई 1990 से मई 2014 तक 24 वर्षों तक नागपुर स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से महाराष्ट्र विधान परिषद के सदस्य रहे थे। पिछले चुनाव में भी वंजारी ने BJP उम्मीदवार संदीप जोशी को हराया था। इसके अलावा आरएसएस का यहां पर मुख्यालय भी है। वहीं, यह एरिया मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का भी गढ़ माना जाता है।
अभिजीत वंजारी ने जीत के बाद क्या कहा?
अपनी जीत पर प्रतिक्रिया देते हुए अभिजीत वंजारी ने कहा कि बीजेपी नेतृत्व के गहन प्रचार के बावजूद कांग्रेस ने जीत दर्ज की। अभिजीत वंजारी ने कहा, "भारतीय जनता पार्टी ने जिस तरह की ताकत लगाई, BJP के सभी नेता नागपुर में मौजूद थे; उन्होंने पूरी ताकत लगा दी थी मगर मतदाता हमारे साथ थे। हमारी पार्टी अखंड थी, महाविकास अघाड़ी (MVA) के नेता और कार्यकर्ता अखंड थे। सारे के सारे संगठन मेरे साथ में थे। मैंने अपने जाहिरात में भी उल्लेख किया था कि 48 संगठन मेरे साथ है और उन्हीं संगठनों के कार्यकर्ताओं और नेताओं का यह विजय है।"
वंजारी ने इस जीत का श्रेय कांग्रेस और विपक्षी गठबंधन महा विकास अघाड़ी (MVA) की एकजुटता को दिया, जिसमें कांग्रेस, शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) शामिल हैं। उन्होंने बताया कि 48 संगठनों ने उनके चुनाव अभियान का समर्थन किया था। इसलिए यह जीत उन्हीं संगठनों के कार्यकर्ताओं और नेताओं की है। वोटों की गिनती के दौरान मानकापुर इंडोर स्टेडियम के बाहर उस समय तनाव देखने को मिला जब बीजेपी और कांग्रेस कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए। बाद में नागुपर पुलिस ने हस्तक्षेप कर स्थिति पर काबू पाया।
अभिजीत वंजारी कांग्रेस के वरिष्ठ नेता, वकील, शिक्षाविद और दो बार से महाराष्ट्र विधान परिषद (MLC) के सदस्य हैं। वह नागपुर विभाग स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से एमएलसी (MLC) हैं। जानिए उनके बारे में बड़ी बातें:-