Nagpur MLC Seat: कौन हैं अभिजीत वंजारी? फडणवीस, गडकरी और RSS के गढ़ नागपुर में कांग्रेस उम्मीदवार ने BJP को दी मात, बरकार रखी एमएलसी सीट

Nagpur MLC Seat: महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार और मौजूदा एम.एल.सी. अभिजीत वंजारी ने नागपुर संभाग की स्नातक निर्वाचन क्षेत्र सीट पर जीत दर्ज की है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के मुख्यालय और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के गृह क्षेत्र में अभिजीत वंजारी ने बीजेपी के सुधाकर कोहाले को 3,271 मतों के अंतर से हराया

अपडेटेड Oct 29, 2026 पर 10:03 AM
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Nagpur MLC Seat: कांग्रेस उम्मीदवार अभिजीत वंजारी ने नागपुर स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से MLC का चुनाव जीता है

Nagpur MLC Seat: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के मुख्यालय और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के गृह क्षेत्र नागपुर में भारतीय जनता पार्टी को बड़ा झटका लगा है। नागपुर संभाग स्नातक निर्वाचन क्षेत्र सीट के लिए हुए चुनाव में कांटे के मुकाबले में कांग्रेस उम्मीदवार और मौजूदा विधान परिषद सदस्य (MLC) अभिजीत वंजारी ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी तथा भारतीय जनता पार्टी (BJP) के उम्मीदवार को 3,271 मतों से हराकर सीट बरकरार रखी है।

मतगणना मंगलवार (27 अक्टूबर) सुबह शुरू हुई और गुरुवार (29 अक्तूबर) तड़के समाप्त हुई। कांग्रेस ने मौजूदा विधान परिषद सदस्य वंजारी को उम्मीदवार बनाया था जिन्हें 67,231 वोट मिले। जबकि बीजेपी ने पूर्व विधायक सुधाकर कोहले को मैदान में उतारा था, जिन्हें 63,960 वोट मिले।

बीजेपी के लिए क्यों झटका है?


यह BJP के लिए बड़ा झटका है क्योंकि उसे महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के गृह क्षेत्र में हार का सामना करना पड़ा। दोनों नेताओं ने कोहले के लिए व्यापक प्रचार किया था। इतना ही नहीं यहीं पर आरएसएस का मुख्यालय भी है। बुधवार को मतगणना के दूसरे दौर के बाद कोहले, कांग्रेस के अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी से 4,294 मतों से आगे थे।

गडकरी कर चुके हैं इस सीट का प्रतिनिधित्व

निर्वाचन अधिकारी ने पीटीआई को बताया कि पहली वरीयता के मतों के आधार पर मतगणना के दूसरे दौर के बाद कोहले को 60,924 वोट मिले थे। जबकि वंजारी को 56,630 वोट मिले थे। इसके अलावा निर्दलीय उम्मीदवार नितेश कराले को 24,249 वोट मिले थे। हालांकि, किसी भी उम्मीदवार को जीत के लिए जरूरी मतों का कोटा नहीं मिलने के कारण दूसरी वरीयता के मतों की गिनती की गई।

बीजेपी के लिए इस सीट से हारना इसलिए बड़ा झटका है क्योंकि नागपुर संभाग स्नातक निर्वाचन क्षेत्र का लंबे समय तक केंद्रीय मंत्री गडकरी प्रतिनिधित्व करते रहे थे। वह कई कार्यकाल तक इस सीट से विधान परिषद सदस्य रहे।

गडकरी जुलाई 1990 से मई 2014 तक 24 वर्षों तक नागपुर स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से महाराष्ट्र विधान परिषद के सदस्य रहे थे। पिछले चुनाव में भी वंजारी ने BJP उम्मीदवार संदीप जोशी को हराया था। इसके अलावा आरएसएस का यहां पर मुख्यालय भी है। वहीं, यह एरिया मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का भी गढ़ माना जाता है।

अभिजीत वंजारी ने जीत के बाद क्या कहा?

अपनी जीत पर प्रतिक्रिया देते हुए अभिजीत वंजारी ने कहा कि बीजेपी नेतृत्व के गहन प्रचार के बावजूद कांग्रेस ने जीत दर्ज की। अभिजीत वंजारी ने कहा, "भारतीय जनता पार्टी ने जिस तरह की ताकत लगाई, BJP के सभी नेता नागपुर में मौजूद थे; उन्होंने पूरी ताकत लगा दी थी मगर मतदाता हमारे साथ थे। हमारी पार्टी अखंड थी, महाविकास अघाड़ी (MVA) के नेता और कार्यकर्ता अखंड थे। सारे के सारे संगठन मेरे साथ में थे। मैंने अपने जाहिरात में भी उल्लेख किया था कि 48 संगठन मेरे साथ है और उन्हीं संगठनों के कार्यकर्ताओं और नेताओं का यह विजय है।"

वंजारी ने इस जीत का श्रेय कांग्रेस और विपक्षी गठबंधन महा विकास अघाड़ी (MVA) की एकजुटता को दिया, जिसमें कांग्रेस, शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) शामिल हैं। उन्होंने बताया कि 48 संगठनों ने उनके चुनाव अभियान का समर्थन किया था। इसलिए यह जीत उन्हीं संगठनों के कार्यकर्ताओं और नेताओं की है। वोटों की गिनती के दौरान मानकापुर इंडोर स्टेडियम के बाहर उस समय तनाव देखने को मिला जब बीजेपी और कांग्रेस कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए। बाद में नागुपर पुलिस ने हस्तक्षेप कर स्थिति पर काबू पाया।

कौन हैं अभिजीत वंजारी?

अभिजीत वंजारी कांग्रेस के वरिष्ठ नेता, वकील, शिक्षाविद और दो बार से महाराष्ट्र विधान परिषद (MLC) के सदस्य हैं। वह नागपुर विभाग स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से एमएलसी (MLC) हैं। जानिए उनके बारे में बड़ी बातें:-

  • पारिवारिक और शैक्षणिक पृष्ठभूमिजन्म: 10 मई 1973 को नागपुर में हुआ।
  • पारिवारिक विरासत: उनके पिता स्व. गोविंदराव वंजारी कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और नागपुर दक्षिण विधानसभा क्षेत्र से दो बार विधायक (MLA) रह चुके थे।
  • शिक्षा और पेशा: उन्होंने राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज नागपुर विश्वविद्यालय से B.A. LLB (कानून की डिग्री) प्राप्त की है। वह एक पेशेवर वकील (Advocate) होने के साथ-साथ शिक्षाविद भी हैं
  • राजनीतिक सफरछात्र एवं युवा राजनीति: उन्होंने अपनी राजनीति की शुरुआत कांग्रेस के छात्र संगठन NSUI से की।
  • वह 1998 से 2002 तक महाराष्ट्र NSUI के प्रदेश महासचिव रहे और बाद में महाराष्ट्र प्रदेश युवा कांग्रेस के सचिव पद पर भी कार्य किया।
  • संगठनात्मक भूमिकाएं: वह नागपुर जिला कांग्रेस कमेटी के महासचिव और प्रवक्ता रहे हैं।
  • 'बीजेपी के गढ़' नागपुर में बड़ी जीत से चर्चा में नागपुर क्षेत्र पारंपरिक रूप से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) का मुख्यालय और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी एवं मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का गढ़ माना जाता है।
  • 2020 की ऐतिहासिक जीत: 2020 के एमएलसी चुनाव में वंजारी ने बीजेपी के संदीप जोशी को करीब 18,910 वोटों के बड़े अंतर से हराकर इतिहास रचा था। उन्होंने दशकों पुराने बीजेपी के इस किले में सेंध लगाई थी।
  • 2026 में दूसरी बार जीत: नागपुर स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से दोबारा चुनाव लड़ते हुए उन्होंने कड़े मुकाबले और वरीयता (preference) वोटों की गिनती में बीजेपी प्रत्याशी सुधाकर कोहले को 3,271 वोटों से हराकर अपनी सीट बरकरार रखी है।
  • अन्य सामाजिक एवं शैक्षणिक योगदानशिक्षा क्षेत्र: वह 'अमर सेवा मंडल' (Amar Sewa Mandal) संस्था के सचिव हैं, जो नागपुर क्षेत्र में इंजीनियरिंग, फार्मेसी, लॉ और मैनेजमेंट जैसे कई कॉलेज संचालित करती है।
  • नागपुर विश्वविद्यालय में भूमिका: वह नागपुर विश्वविद्यालय की सीनेट (Senate) और प्रबंधन परिषद (Management Council) के सदस्य भी रह चुके हैं।

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