NASA स्विफ्ट टेलीस्कोप : अंतरिक्ष में 22 साल तक ब्रह्मांड की खोजबीन करने वाला NASA का स्विफ्ट टेलीस्कोप अब नहीं रहा। बुधवार को यह टेलीस्कोप धरती के वायुमंडल में घुसते ही आग की लपटों में जलकर खत्म हो गया। यह टेलीस्कोप इंडोनेशिया के ऊपर आसमान में दाखिल हुआ था। NASA ने पहले ही कहा था कि इसके ज्यादातर हिस्से हवा में ही जल जाएंगे। कुछ छोटे टुकड़े नीचे गिरने की बात भी कही गई थी, लेकिन अभी तक कहीं से किसी नुकसान या किसी के घायल होने की खबर नहीं आई है।
News18 की रिपोर्ट के मुताबिक, नील गेहरल्स स्विफ्ट ऑब्जर्वेटरी (Neil Gehrels Swift Observatory) ने 5 नवंबर को भारतीय समय के अनुसार रात करीब 1 बजे धरती के वायुमंडल में एंट्री की। उस वक्त यह उत्तरी सुमात्रा के ऊपर था और आवाज की रफ्तार से करीब 22 गुना तेज भाग रहा था।
क्या टेलीस्कोप धरती पर गिरकर किसी को नुकसान पहुंचा सकता था?
इस टेलीस्कोप का वजन करीब 1,452 किलो था। इतनी भारी चीज के नीचे गिरने से डर लगना लाजमी था। लेकिन NASA ने पहले ही साफ कर दिया था कि किसी इंसान को इससे नुकसान पहुंचने की संभावना बहुत ही कम है। एजेंसी के हिसाब से किसी एक व्यक्ति के इसकी चपेट में आने का चांस 2,100 में से सिर्फ 1 था।
एयरोस्पेस इंजीनियर डीन स्लेडन (Dean Sladen) ने भी बताया था कि टेलीस्कोप का ज्यादातर हिस्सा वायुमंडल में ही जलकर राख हो जाएगा। हां, कुछ छोटे-छोटे जले हुए टुकड़े जमीन तक पहुंच सकते हैं, लेकिन उनसे बड़ा खतरा नहीं था।
बचाने की कोशिश की, लेकिन काम नहीं बना
NASA ने इस बूढ़े टेलीस्कोप को बचाने की पूरी कोशिश की थी। प्लान ये था कि इसे फिर से ऊंची कक्षा में पहुंचा दिया जाए, ताकि यह कुछ साल और काम कर सके। इसके लिए जुलाई में एरिजोना की एक कंपनी Katalyst के साथ एक रेस्क्यू मिशन शुरू किया गया। इस मिशन में LINK नाम के एक छोटे अंतरिक्ष यान को स्विफ्ट से जोड़ना था, जो उसे धक्का देकर ऊपर ले जाता। लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। अंतरिक्ष में पहुंचते ही LINK यान बेकाबू होकर घूमने लगा। हालात बिगड़ते देख मिशन को बीच में ही रोकना पड़ा। इसके बाद स्विफ्ट की कक्षा धीरे-धीरे नीचे गिरती गई। आखिरकार 20 अक्टूबर को इसने काम करना पूरी तरह बंद कर दिया।
2 साल के लिए गया था, 22 साल तक करता रहा काम
स्विफ्ट टेलीस्कोप को साल 2004 में लॉन्च किया गया था। उस वक्त वैज्ञानिकों ने सोचा था कि यह सिर्फ 2 साल ही चलेगा। इसका मेन काम गामा-रे विस्फोटों को समझना था। ये विस्फोट ब्रह्मांड की सबसे ताकतवर घटनाओं में गिने जाते हैं। लेकिन स्विफ्ट ने सबको चौंका दिया। 2 साल की जगह यह पूरे 22 साल तक काम करता रहा।
इस दौरान इसने सुपरनोवा, ब्लैक होल, एक्स-रे फ्लेयर, क्षुद्रग्रह और धूमकेतुओं के बारे में ऐसी-ऐसी जानकारियां दीं, जो पहले किसी को नहीं पता थीं। NASA के मुताबिक, स्विफ्ट से मिले डेटा पर अब तक करीब 7,000 रिसर्च पेपर लिखे जा चुके हैं।
अब इस टेलीस्कोप की कहानी खत्म हो गई है। 22 साल तक ब्रह्मांड के राज खोलने वाला स्विफ्ट अब इतिहास बन गया है।