नई दिल्ली। NCERT ने क्लास 9 की सोशल साइंस की नई किताब में इतिहास पढ़ाने का तरीका बदल दिया है। नई किताब 'Understanding Society India and Beyond - Part 2' में एक पूरा चैप्टर 'Resistance and Resilience' जोड़ा गया है।
नई दिल्ली। NCERT ने क्लास 9 की सोशल साइंस की नई किताब में इतिहास पढ़ाने का तरीका बदल दिया है। नई किताब 'Understanding Society India and Beyond - Part 2' में एक पूरा चैप्टर 'Resistance and Resilience' जोड़ा गया है।
ये किताब मंगलवार को रिलीज हुई है, जबकि सेशन शुरू हुए 6 महीने हो चुके हैं। इस चैप्टर में सिख गुरुओं और मुगल शासन के बीच हुए संघर्ष के साथ 7वीं सदी से भारत पर हुए आक्रमणों और युद्ध में धार्मिक परंपराओं की भूमिका का भी जिक्र किया गया है।
किताब में मुगलों पर क्या लिखा है?
किताब में साफ लिखा है कि सिख गुरुओं के खिलाफ मुगल राज्य की कार्रवाई सिर्फ सियासी नहीं थी।
किताब के शब्दों में - "सिख गुरुओं, खासकर गुरु अर्जन देव, गुरु तेग बहादुर और गुरु गोबिंद सिंह के खिलाफ मुगल राज्य की बर्बरता की इतिहास में बहुत कम तुलना है। ये कार्रवाई मुगलों की कठोर धार्मिक और भेदभावपूर्ण नीतियों में गहरी जड़ी हुई थी।"
NCERT के मुताबिक, 17वीं सदी की शुरुआत में जैसे-जैसे सिख गुरुओं का सामाजिक प्रभाव बढ़ा, मुगलों ने उनके मामलों में दखल देना शुरू कर दिया।
तीन गुरुओं की कहानी से समझाया टर्निंग पॉइंट
किताब का मकसद ये बताना है कि कैसे उत्पीड़न का सामना "सामूहिक संगठन और जरूरत पड़ने पर सशस्त्र प्रतिरोध" से किया गया। चैप्टर में 7वीं सदी से भारत पर हुए आक्रमणों और युद्ध में धार्मिक परंपराओं की भूमिका को भी डॉक्यूमेंट किया गया है। इसमें बताया गया है कि ऐसे समय में सामूहिक संगठन, अपनी पहचान और परंपराओं को बनाए रखने के साथ जरूरत पड़ने पर सशस्त्र प्रतिरोध भी एक रास्ता रहा। सिख गुरुओं से जुड़ी घटनाओं के जरिए इस बदलाव को ऐतिहासिक घटनाक्रम के तौर पर समझाया गया है।
हिंदी में शेयर बाजार, स्टॉक मार्केट न्यूज़, बिजनेस न्यूज़, पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App डाउनलोड करें।