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बर्लिन में दुनिया के सामने आया नमो भारत, NCRTC ने दिखाया भारत की मॉडर्न रीजनल रेल का दम!

NCRTC ने जर्मनी के बर्लिन में आयोजित InnoTrans 2026 में भारत के पहले रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम ‘नमो भारत’ को दुनिया के सामने पेश किया। इस मौके पर भारत की आधुनिक रेल तकनीक और तेज क्षेत्रीय परिवहन व्यवस्था को दिखाया गया।

Roopali Sharmaअपडेटेड Sep 24, 2026 पर 8:36 AM
बर्लिन में दुनिया के सामने आया नमो भारत, NCRTC ने दिखाया भारत की मॉडर्न रीजनल रेल का दम!
बर्लिन में चल रहे InnoTrans 2026 में NCRTC ने भारत के ‘नमो भारत’ को पेश किया है। इस दौरान देश की आधुनिक रीजनल रेल व्यवस्था और इससे बदल रही कनेक्टिविटी को दुनिया के सामने दिखाया गया।

बर्लिन (जर्मनी): जर्मनी की राजधानी बर्लिन में चल रहे InnoTrans 2026 में NCRTC ने भारत के पहले रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम ‘नमो भारत’ को पेश किया है। भारत की तेज और आधुनिक रेल व्यवस्था अब विदेशी मंच पर भी अपनी पहचान बना रही है। यहां नमो भारत से दिल्ली और आसपास के शहरों के बीच बेहतर कनेक्टिविटी और बदलती रीजनल मोबिलिटी को दिखाया जा रहा है। यह इवेंट 22 से 25 सितंबर तक चल रहा है, जहां दुनिया भर की नई ट्रांसपोर्ट टेक्नोलॉजी देखने को मिल रही है।

बर्लिन में दिखाई गई नमो भारत की तस्वीर

InnoTrans 2026 में NCRTC ने 82 किलोमीटर लंबे दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर को दिखाया गया है। यह कॉरिडोर दिल्ली के सराय काले खां से मेरठ के मोदीपुरम तक जाता है। फरवरी में पूरे कॉरिडोर के शुरू होने के बाद दिल्ली, गाजियाबाद और मेरठ के बीच आने-जाने का तरीका बदल रहा है। इस प्रोजेक्ट का मकसद तेज सफर देने के साथ इलाकों को जोड़ना भी है।

नमो भारत से कनेक्टिविटी और टेक्नोलॉजी में हुए ये बदलाव

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