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हिमालय की 4 खतरनाक ग्लेशियर झीलों का पानी सुखाएगा नेपाल! क्या है पूरी तैयारी डिटेल में जानिए

नेपाल चार ग्लेशियल झीलों का पानी कम करने की तैयारी कर रहा है। इसके लिए करीब 50 मिलियन डॉलर की परियोजना पर काम होगा, जिसमें बाढ़ की जानकारी देने के लिए सेंसर भी लगाए जाएंगे।

Roopali Sharmaअपडेटेड Oct 02, 2026 पर 4:52 PM
हिमालय की 4 खतरनाक ग्लेशियर झीलों का पानी सुखाएगा नेपाल! क्या है पूरी तैयारी डिटेल में जानिए
नेपाल की 4 ग्लेशियल झीलों का पानी घटाया जाएगा, बाढ़ के खतरे को कम करने की तैयारी की जा रही है।

काठमांडू। नेपाल में ग्लेशियल झीलों से आने वाली बाढ़ के खतरे को कम करने के लिए बड़ा कदम उठाया जा रहा है। सरकार ऊंचे पहाड़ी इलाकों की चार खतरनाक झीलों का पानी कम करने की तैयारी कर रही है। इससे झीलों का प्राकृतिक बांध टूटने और अचानक नीचे के इलाकों में बाढ़ आने का खतरा कम करने में मदद मिलेगी।

इन चार झीलों का पानी कम किया जायेगा

रिपोर्टर गोपाल शर्मा की रिपोर्ट के मुताबिक, नेपाल इस योजना में थुलागी, लोअर बरुन, लुमडिंग त्सो और होंगू-2 झीलों को शामिल कर रहा है। ये झीलें करीब 4,050 से 5,483 मीटर की ऊंचाई पर हैं और इन्हें नेपाल की ज्यादा खतरे वाली ग्लेशियल झीलों में गिना जाता है।

इन झीलों का पानी कंट्रोल करके पास की नदियों में छोड़ा जाएगा। इसके लिए नहरों और खास गेट वाले स्ट्रक्चर का इस्तेमाल किया जाएगा। लेकिन असली काम शुरू करने से पहले इन झीलों की जांच और डिजाइन तैयार किया जाएगा। अधिकारियों के मुताबिक, इस प्रोसेस में छह साल तक लग सकते हैं।

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