श्रीनगर में NIA का बड़ा एक्शन, LeT आतंकियों को पनाह देने वाले की संपत्ति की जब्त

जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने पाकिस्तानी आतंकियों को कथित तौर पर पनाह देने के मामले में बड़ी कार्रवाई की है। NIA ने श्रीनगर स्थित हजरतबल के दानिहामा गांव में गुलाम मोहम्मद मीर उर्फ मामा गैस की आवासीय संपत्ति को जब्त कर लिया है

अपडेटेड Oct 12, 2026 पर 5:16 PM
  • Follow Us On Google
  • Add as a Preferred Source on Google
ये मामला 31 मार्च 2026 को श्रीनगर के जकूरा पुलिस स्टेशन में FIR नंबर 24/2026 के तहत दर्ज किया गया था

जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने बड़ी कार्रवाई की है। एजेंसी ने श्रीनगर में लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के पाकिस्तानी आतंकियों को कथित तौर पर पनाह देने के मामले में ये कार्रवाई की है। NIA ने श्रीनगर स्थित हजरतबल के दानिहामा गांव में गुलाम मोहम्मद मीर उर्फ मामा गैस की आवासीय संपत्ति को जब्त कर लिया है। ये कार्रवाई 2026 में दर्ज जम्मू जोन से जुड़े एक मामले में की गई है। एजेंसी ने गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम यानी UAPA की धारा 25 के तहत यह कदम उठाया है। संपत्ति पर कार्रवाई से पहले NIA के महानिदेशक से जरूरी मंजूरी भी ली गई थी।

आतंकियों को पनाह देने और सबूत छिपाने का आरोप

NIA की जांच के मुताबिक, आरोपी की इस संपत्ति का इस्तेमाल कथित तौर पर पाकिस्तानी आतंकियों को पनाह देने और आतंकी नेटवर्क से जुड़े आपत्तिजनक साक्ष्य छिपाने के लिए किया गया था। जांच एजेंसी ने संपत्ति और सीमा पार से संचालित आतंकी साजिश के बीच सीधा संबंध सामने आने का दावा किया है।


6 अप्रैल को तलाशी के दौरान मिले थे दो संदिग्ध

ये मामला 31 मार्च 2026 को श्रीनगर के जकूरा पुलिस स्टेशन में FIR नंबर 24/2026 के तहत दर्ज किया गया था। इसके बाद राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने इसे अपने हाथ में लेकर जांच आगे बढ़ाई। जांच के सिलसिले में 6 अप्रैल 2026 को हजरतबल के दानिहामा इलाके में गुलाम मोहम्मद मीर के घर पर छापेमारी की गई। एजेंसी के मुताबिक, इस कार्रवाई के दौरान अबू हुरैरा और खुबैब नाम के दो संदिग्ध पाकिस्तानी आतंकियों की मौजूदगी का पता चला, जिनके लश्कर-ए-तैयबा से संबंध होने का आरोप है। तलाशी में संदिग्ध विस्फोटक सामग्री, डिजिटल डिवाइस और जांच से जुड़े अन्य सामान भी बरामद किए गए।

जांच में हुए कई खुलासे

NIA की जांच में स्थानीय ओवर ग्राउंड वर्कर्स (OGWs) के एक नेटवर्क का खुलासा होने की बात कही गई है। एजेंसी के अनुसार, ये लोग पाकिस्तान स्थित लश्कर-ए-तैयबा के हैंडलर्स के साथ कथित तौर पर समन्वय कर पाकिस्तानी आतंकियों की घुसपैठ, आवाजाही, ठहरने और अन्य लॉजिस्टिक सहायता की व्यवस्था कर रहे थे। जांच एजेंसी को आशंका है कि, इस नेटवर्क का इस्तेमाल सरकारी प्रतिष्ठानों, सुरक्षा बलों और आम नागरिकों को निशाना बनाने वाले आतंकी हमलों को अंजाम देने के लिए किया जाना था।

NIA की तफ्तीश जारी

NIA अब इस आतंकी नेटवर्क से जुड़े अन्य ओवर ग्राउंड वर्कर्स, मददगारों और पाकिस्तान स्थित हैंडलर्स से संपर्क रखने वाले लोगों की पहचान करने में जुटी है। एजेंसी का कहना है कि पूरे आतंकी सपोर्ट नेटवर्क का पर्दाफाश करने के लिए जांच जारी है।

हिंदी में शेयर बाजार,  स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।