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NMC Advertising Guidelines for Doctors: खुद को नं. 1 या ‘गारंटीड इलाज’ का दावा नहीं कर सकेंगे डॉक्टर, एनएमसी ने जारी की गाइडलाइन

NMC Advertising Guidelines for Doctors: एनएमसी ने डॉक्टर और अस्पतालों के लिए विज्ञापन संबंधी दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत डॉक्टर और अस्पताल खुद नंबर 1 बताने वाले या ‘गारंटीड इजाल’ का दावा करने वाले भ्रामक विज्ञापन नहीं कर पाएंगे। आइए जानें क्या है यह गाइडलाइन

MoneyControl Newsअपडेटेड Oct 08, 2026 पर 6:50 PM
NMC Advertising Guidelines for Doctors: खुद को नं. 1 या ‘गारंटीड इलाज’ का दावा नहीं कर सकेंगे डॉक्टर, एनएमसी ने जारी की गाइडलाइन
एनएमसी के इन सख्त दिशा-निर्देशों को तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।

NMC Advertising Guidelines for Doctors: एआई और सोशल मीडिया के दौर में यह समझना बहुत मुश्किल है कि कौन सच बोल रहा है और कौन झूठ? खासतौर से खुद को नंबर 1 बताने वाले डॉक्टर या ‘गारंटीड इलाज’ का दावा करने वाले अस्पतालों को देखते हुए यह और भी मुश्किल हो जाता है। इस समस्या की गंभीरता को समझते नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) ने अस्पतालों और डॉक्टरों के विज्ञापनों के संबंध में गाइडलाइन जारी की है। एनएमसी की इन सख्त दिशा-निर्देशों को तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।

एनएमसी के नए नियमों के दायरे में अखबार-होर्डिंग और इंस्टाग्राम-यूट्यूब जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म शामिल किए गए हैं। बहुत से डॉक्टर या अस्पताल अपनी लोकप्रियता बढ़ाने के लिए सेलिब्रिटी, इन्फ्लुएंसर्स या पेड रिव्यू का सहारा लेते हैं। एनएमसी की नई गाइडलाइन के बाद इन सभी तौर-तरीकों पर रोक लगा दी गई है।

एनएमसी की नई गाइडलाइन

एनएमसी के नए नियमों के अनुसार, इलाज से पहले और बाद की तस्वीरें (Before-After Photos) दिखाने या फर्जी लाइक्स और व्यूज के जरिए अपना विज्ञापन करने वालों पर कमीशन की नजर रहेगी। एनएमसी के नियमों का उल्लंघन करने पर डॉक्टरों का रजिस्ट्रेशन निलंबित होने के साथ-साथ भारी जुर्माने का भी प्रावधान किया गया है। सरकार के इस कदम से हेल्थ सर्विस के क्षेत्र में पारदर्शिता और भरोसे का माहौल तैयार होगा।

एनएमसी रखेगी ‘गारंटीड इलाज’ का दावा करने वालों पर नजर

नेशनल मेडिकल कमीशन की नई गाइडलाइंस के अनुसार, अब कोई भी डॉक्टर या हॉस्पिटल अपने प्रचार के लिए ‘100% सफलता’, ‘गारंटीड इलाज’, ‘चमत्कारी इलाज’, ‘दर्द रहित इलाज’ और ‘नंबर-1 स्पेशलिस्ट’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल नहीं कर पाएगा। इसके अलावा ‘सबसे अच्छा’ या ‘सबसे भरोसेमंद’ जैसे दावों पर भी रोक लगा दी गई है, जब तक कि उन्हें किसी ठोस और निष्पक्ष तरीके से साबित न किया जा सके।

मरीजों के रिव्यू और सेलिब्रिटी प्रचार पर पाबंदी

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