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अब नहीं लीक होगा कोई पेपर! धांधली रोकने के लिए एक्शन में नंदन नीलेकणि का टास्क फोर्स, NTA में बड़े बदलाव की तैयारी

NTA Exam Reforms: 2024 के NEET-UG पेपर लीक विवाद के बाद अब देश की परीक्षा प्रणाली में बड़े और ऐतिहासिक सुधारों की तैयारी शुरू हो चुकी है। NTA को फुलप्रूफ और हाई-टेक बनाने के लिए सरकार द्वारा गठित नंदन नीलेकणि टास्क फोर्स ने इसरो के पूर्व अध्यक्ष के राधाकृष्णन से अहम बैठक कर रणनीतियों पर चर्चा की है। जानिए NTA की कार्यप्रणाली में कौन-कौन से 5 बड़े बदलाव होने जा रहे हैं और सुप्रीम कोर्ट का इस पर क्या रुख है

Curated By: Abhishek Guptaअपडेटेड Sep 29, 2026 पर 9:27 AM
अब नहीं लीक होगा कोई पेपर! धांधली रोकने के लिए एक्शन में नंदन नीलेकणि का टास्क फोर्स, NTA में बड़े बदलाव की तैयारी
नंदन नीलेकणि की अध्यक्षता वाली इस 7-सदस्यीय समिति में देश की तकनीक, सुरक्षा और शिक्षा नीति से जुड़ी दिग्गज हस्तियों को शामिल किया गया है

NTA Exam Reforms Updates: नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा आयोजित की जाने वाली राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और हाई-टेक बनाने के लिए केंद्र सरकार द्वारा गठित नंदन नीलेकणि हाई-पावर्ड टास्क फोर्स (HPTF) ने अपनी रणनीतिक बैठकों का दौर तेज कर दिया है।

अधिकारियों के अनुसार, जुलाई 2026 में गठित इस विशेष टास्क फोर्स ने पूर्व इसरो (ISRO) प्रमुख के राधाकृष्णन के साथ गहन परामर्श किया है। गौरतलब है कि के राधाकृष्णन ने 2024 के NEET-UG पेपर लीक विवाद के बाद सरकार द्वारा गठित उच्चस्तरीय विशेषज्ञ समिति का नेतृत्व किया था।

राधाकृष्णन समिति की रिपोर्ट और समीक्षा का दायरा

वर्ष 2024 में NEET-UG परीक्षा में हुई गड़बड़ियों के बाद जून 2024 में इसरो के पूर्व अध्यक्ष के राधाकृष्णन की अध्यक्षता में एक हाई-लेवल कमेटी बनाई गई थी। इस समिति ने अक्टूबर 2024 में अपनी विस्तृत रिपोर्ट सौंपी थी, जिसमें परीक्षा प्रणाली में सुधार, डाटा सुरक्षा और NTA के पुनर्गठन को लेकर 101 महत्वपूर्ण सिफारिशें शामिल थीं। बाद में इन सिफारिशों के कार्यान्वयन की निगरानी के लिए केंद्र सरकार ने एक 'हाई पावर्ड स्टीयरिंग कमेटी' बनाई, जिसके प्रमुख भी के राधाकृष्णन ही बनाए गए।

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