गाजियाबाद में EPE और हरनंदीपुरम को जोड़ेगी आउटर रिंग रोड! टाउनशिप के लिए जमीन बेचकर फंड जुटाएगा जीडीए
Ghaziabad News: गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (GDA) ने इंफ्रा को बढ़ावा देने और नई टाउनशिप की फाइनेंसिंग के लिए आउटर रिंग रोड को पाइपलाइन रोड के जरिए ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे (EPE) और हरनंदीपुरम (Harnandipuram) टाउनशिप से जोड़ने की योजना बनाई है। इसके लिए जीडीए रिंग रोड के 5.8 किलोमीटर लंबे हिस्से का विस्तार करेगा
आउटर रिंग रोड को 5.8 किलोमीटर तक विस्तारित कर पाइपलाइन रोड के रास्ते ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे (EPE) से जोड़ा जाएगा
Ghaziabad News: उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में प्रस्तावित हरनंदीपुरम टाउनशिप को बेहतर सड़क कनेक्टिविटी देने के लिए गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (GDA) ने एक बड़ी घोषणा की है। इसके तहत आउटर रिंग रोड को 5.8 किलोमीटर तक विस्तारित कर पाइपलाइन रोड के रास्ते ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे (EPE) से जोड़ा जाएगा। इस कनेक्टिविटी से हरनंदीपुरम के निवासियों को दिल्ली, मेरठ और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों तक पहुंचने में सुविधा मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा टाउनशिप को दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे और दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे से भी बेहतर संपर्क मिल सकेगा।
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, हरनंदीपुरम परियोजना का पहला चरण 'मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण योजना' के तहत दिवाली के आसपास शुरू करने की योजना है। इस चरण में 336 हेक्टेयर जमीन पर टाउनशिप विकसित करने का प्रस्ताव है। प्राधिकरण ने परियोजना के पंजीकरण के लिए उत्तर प्रदेश रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (UP RERA) में आवेदन भी जमा किया है।
336 हेक्टेयर में विकसित होगा टाउनशिप का पहला चरण
हरनंदीपुरम टाउनशिप का पहला चरण गाजियाबाद के मथुरापुर, शमशेर और नगला फिरोज मोहन नगर क्षेत्रों में विकसित करने की योजना है। इसके लिए कुल 336 हेक्टेयर जमीन निर्धारित की गई है। वहीं, पूरे प्रोजेक्ट का विस्तार आठ गांवों में कुल 521 हेक्टेयर क्षेत्र में प्रस्तावित है।
इस टाउनशिप को योजनाबद्ध तरीके से विकसित करने का उद्देश्य गाजियाबाद में आवासीय सुविधाओं का विस्तार करना और लोगों को बेहतर शहरी बुनियादी ढांचा उपलब्ध कराना है। परियोजना के तहत सड़क संपर्क को प्रमुखता दी जा रही है। ताकि भविष्य में यहां बसने वाले लोगों को आवागमन में परेशानी न हो।
आउटर रिंग रोड से EPE तक बनेगा सीधा संपर्क मार्ग
हरनंदीपुरम परियोजना की सबसे अहम विशेषताओं में से एक ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे से प्रस्तावित कनेक्टिविटी है। इसके लिए आउटर रिंग रोड के 5.8 किलोमीटर हिस्से को आगे बढ़ाने की योजना है। यह मार्ग पाइपलाइन रोड के जरिए EPE तक पहुंचेगा। GDA के एक अधिकारी के अनुसार, प्रस्तावित लिंक रोड को उन गांवों को बाईपास करते हुए विकसित करने की योजना है, जिनकी जमीन टाउनशिप के लिए अधिग्रहित की जा रही है। प्राधिकरण इस दिशा में जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया पर काम कर रहा है।
इस लिंक रोड के तैयार होने से हरनंदीपुरम को प्रमुख एक्सप्रेसवे नेटवर्क से जोड़ने में मदद मिलेगी। इससे दिल्ली और मेरठ की ओर यात्रा करना आसान हो सकता है। साथ ही, पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अन्य जिलों तक पहुंचने के लिए भी बेहतर विकल्प उपलब्ध होंगे।
जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया पर चल रहा काम
हरनंदीपुरम परियोजना के लिए जमीन जुटाना GDA के सामने एक महत्वपूर्ण काम है। पहले चरण में अथॉरिटी को 127 हेक्टेयर निजी जमीन का अधिग्रहण करना था। परियोजना के लिए बाकी जमीन पहले से ही GDA और ग्राम सभा के स्वामित्व में है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, अगस्त तक 79 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण किया जा चुका था। इसके अलावा, 130 हेक्टेयर जमीन के लिए सहमति भी मिल गई थी।
जमीन अधिग्रहण करने की स्पीड परियोजना के विकास और सड़क संपर्क तैयार करने के लिहाज से महत्वपूर्ण है। हालांकि, लिंक रोड के निर्माण और टाउनशिप के अलग-अलग चरणों की समयसीमा को लेकर फाइनल स्थिति आगे की कार्रवाई पर निर्भर करेगी।
पहले चरण की योजना में हुआ था बदलाव
GDA ने पिछले साल फरवरी में हरनंदीपुरम परियोजना के पहले चरण के दायरे में बदलाव किया था। उस समय लागत अधिक होने का हवाला देते हुए शाहपुर मोरटा, भोवापुर और मोरटा गांवों को पहले चरण से बाहर कर दिया गया था। इन तीन गांवों का कुल क्षेत्रफल लगभग 151 हेक्टेयर बताया गया था।इस बदलाव का उद्देश्य परियोजना की लागत को नियंत्रित करना था। अब प्राधिकरण आठ गांवों में कुल 521 हेक्टेयर क्षेत्र को ध्यान में रखते हुए पूरी परियोजना को आगे बढ़ाने की योजना पर काम कर रहा है।
आउटर रिंग रोड के किनारे एयरो सिटी और क्रिकेट स्टेडियम की भी योजना
GDA केवल हरनंदीपुरम टाउनशिप की कनेक्टिविटी तक सीमित नहीं है। प्राधिकरण आउटर रिंग रोड के आसपास एयरो सिटी और मोरटा में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम विकसित करने की योजना पर भी विचार कर रहा है। आउटर रिंग रोड सिटी फॉरेस्ट क्षेत्र को दुहाई से जोड़ती है। यह मार्ग नूरनगर, मोरटी, अटौर भोवापुर, मोरटा और शाही निज मोरटा जैसे क्षेत्रों से होकर गुजरता है।
इसके कारण राजनगर एक्सटेंशन (RNE) और मधुबन टाउनशिप जैसे क्षेत्रों तक पहुंचने में भी सुविधा मिलती है। यदि एयरो सिटी और क्रिकेट स्टेडियम की योजनाएं आगे बढ़ती हैं, तो इस कॉरिडोर का महत्व और बढ़ सकता है। इससे आसपास के इलाकों में आवासीय और व्यावसायिक विकास को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है।
400 मीटर तक जमीन अधिग्रहण की योजना
आउटर रिंग रोड के आसपास विकास को बढ़ावा देने और परियोजनाओं के लिए वित्तीय संसाधन जुटाने के उद्देश्य से GDA कॉरिडोर के किनारे 400 मीटर तक जमीन अधिग्रहित करने की योजना बना रहा है। इसके बाद इस जमीन को ग्रुप हाउसिंग सोसायटियों को बेचने का प्रस्ताव है। प्राधिकरण के अधिकारियों के मुताबिक, जमीन की बिक्री से मिलने वाले रेवेन्यू का इस्तेमाल हरनंदीपुरम को EPE से जोड़ने वाली सड़क के विकास के लिए किया जा सकता है। इस तरह जमीन से मिलने वाली आय के जरिए कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट की लागत जुटाने का प्रयास किया जाएगा।
गाजियाबाद के रियल एस्टेट और कनेक्टिविटी को मिल सकता है फायदा
हरनंदीपुरम टाउनशिप और आउटर रिंग रोड के विस्तार की योजना गाजियाबाद के शहरी विकास के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा सकती है। बेहतर सड़क संपर्क से प्रस्तावित टाउनशिप में आवागमन आसान होगा और आसपास के क्षेत्रों को भी लाभ मिल सकता है। एयरो सिटी, क्रिकेट स्टेडियम और ग्रुप हाउसिंग से जुड़ी योजनाएं भी आगे बढ़ती हैं, तो आउटर रिंग रोड के आसपास विकास की नई संभावनाएं बन सकती हैं।