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पटना में कचरे से बनेगी बिजली, 500 करोड़ रुपये की लागत से लगेगा प्लांट

वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट 15 मेगावाट क्षमता का होगा। इस प्लान से एक तरफ शहर को कचरामुक्त बनाने में मदद मिलेगी तो दूसरी तरफ कचरे का इस्तेमाल बिजली बनाने के लिए होगा। इस परियोजना के तहत पटना क्लस्टर के 13 नगर निकायों से निकलने वाले ठोस कचरे का एकीकृत प्रबंधन रामचक बैरिया में किया जाएगा

Edited By: Rakesh Ranjanअपडेटेड Sep 30, 2026 पर 4:41 PM
पटना में कचरे से बनेगी बिजली, 500 करोड़ रुपये की लागत से लगेगा प्लांट
इस प्रोजेक्ट को ढाई साल में पूरा करने का टारगेट है।

पटना शहर के कचरे का इस्तेमाल बिजली बनाने के लिए होगा। इसके लिए 500 करोड़ रुपये की लागत से प्लांट लगाने की तैयारी है। नवंबर तक शहर को कचरे के ढेर से मुक्त करने का लक्ष्य रखा गया है। शहर के 13 नगर निकायों के कचरे का इस्तेमाल बिजली उत्पादन के लिए होगा।

2 फायदे मिलेंगे एक ही प्रोजेक्ट से

वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट 15 मेगावाट क्षमता का होगा। एक्सपर्ट्स का कहना है कि इस प्लान से एक तरफ शहर को कचरामुक्त बनाने में मदद मिलेगी तो दूसरी तरफ कचरे का इस्तेमाल बिजली बनाने के लिए होगा। नगर आयुक्त यशपाल मीणा ने बताया कि परियोजना की प्रगति, पुराने कचरे के निस्तारण और निर्माण कार्य की तैयारियों की लगातार समीक्षा हो रही है

21 एकड़ जमीन से हट चुका है कचरा

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