पटना में प्रॉपर्टी टैक्स का बड़ा हिसाब: किसने कितना टैक्स दिया और किस पर कितना बकाया, PMCH से पटना जू, जय प्रभा मेदांता तक पूरी लिस्ट
Patna Property Tax list: चालू वित्तीय वर्ष में बिना किसी पेनल्टी के टैक्स जमा करने की अंतिम तारीख करीब आने के साथ ही पटना नगर निगम ने सबसे ज्यादा टैक्स चुकाने वाले और सबसे बड़े बकायेदारों के आंकड़े सार्वजनिक कर दिए हैं। सरकारी संस्थानों में पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (PMCH) 28.50 लाख रुपये का संपत्ति कर चुकाकर सबसे आगे रहा है
Patna Property Tax list: बिहार की राजधानी पटना में प्रॉपर्टी टैक्स का पूरा डिटेल्स जारी कर दिया गया है
Patna Property Tax Update: बिहार की राजधानी पटना में प्रॉपर्टी टैक्स की वसूली और बड़े बकायेदारों के खिलाफ पटना नगर निगम का विशेष अभियान पूरी तेजी पर है। चालू वित्तीय वर्ष में बिना किसी पेनल्टी के टैक्स जमा करने की अंतिम तारीख करीब आने के साथ ही नगर निगम ने सबसे ज्यादा टैक्स चुकाने वाले और सबसे बड़े बकायेदारों के आंकड़े सार्वजनिक कर दिए हैं। निगम की ओर से मिली आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, सरकारी संस्थानों में पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (PMCH) 28.50 लाख रुपये का संपत्ति कर चुकाकर सबसे आगे रहा है।
वहीं, गैर-सरकारी यानी निजी संस्थानों में जय प्रभा मेदांता अस्पताल ने सबसे अधिक 49.62 लाख रुपये का प्रॉपर्टी टैक्स जमा किया है। बकायेदारों की बात करें तो संजय गांधी जैविक उद्यान (पटना जू) पर अकेले करीब 9.88 करोड़ रुपये का भारी-भरकम बकाया दर्ज किया गया है।
सबसे ज्यादा टैक्स चुकाने वाले सरकारी और गैर-सरकारी संस्थान
पटना नगर निगम के आंकड़ों के मुताबिक चालू वित्तीय वर्ष में सरकारी और गैर-सरकारी दोनों क्षेत्रों के प्रमुख संस्थानों ने लाखों रुपये का संपत्ति कर जमा किया ह। PMCH ने सबसे ज्यादा 28.50 लाख रुपये का भुगतान किया है। इसके बाद इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (IGIMS) ने 24.87 लाख रुपये, पटना वीमेंस कॉलेज ने 14.10 लाख रुपये, राजभवन ने 11.76 लाख रुपये और चंद्रगुप्त प्रबंधन संस्थान ने 10.90 लाख रुपये का टैक्स चुकाया है।
प्राइवेट संस्थानों की बात करें तो जय प्रभा मेदांता अस्पताल 49.62 लाख रुपये का भुगतान कर पहले पायदान पर है। इसके अलावा HMRI अस्पताल ने 18.20 लाख रुपये, बेली स्क्वायर मॉल ने 17.83 लाख रुपये, कुर्जी होली फैमिली अस्पताल ने 16.52 लाख रुपये और सेंट माइकल स्कूल ने 11.13 लाख रुपये का संपत्ति कर जमा कराया है।
1.53 लाख संपत्तियों पर 109.29 करोड़ का बकाया, पटना जू नंबर वन बकायेदार
नगर निगम की डिफॉल्टर्स सूची के मुताबिक शहर की 1.53 लाख संपत्तियों पर कुल 109.29 करोड़ रुपये का संपत्ति कर बकाया है। इसमें 6702 सरकारी संपत्तियों पर 30.88 करोड़ रुपये और 1,46,354 गैर-सरकारी संपत्तियों पर 78.41 करोड़ रुपये की देनदारी शामिल है। सरकारी क्षेत्र में सबसे ज्यादा बकाया संजय गांधी जैविक उद्यान (पटना जू) पर है, जिस पर करीब 9.88 करोड़ रुपये बकाया हैं।
इसके अलावा सीजीएसटी से जुड़ी संपत्तियों पर करीब 3.78 करोड़ रुपये, प्रमंडलीय आयुक्त कार्यालय पर करीब 3.77 करोड़ रुपये, माध्यमिक शिक्षा विभाग पर करीब 3.19 करोड़ रुपये, बुडको पर करीब 3.09 करोड़ रुपये, जिलाधिकारी कार्यालय पर करीब 2.01 करोड़ रुपये और कुम्हरार पार्क पर करीब 1.79 करोड़ रुपये का बकाया है।
निजी क्षेत्र के शीर्ष बकायेदारों में वार्ड 2 के वीरेंद्र कुमार व अन्य पर 45.86 लाख रुपये, श्रीमती समुद्री देवी पर 36.91 लाख रुपये, वार्ड 1 के सुकांत कुमार मिश्रा पर 24.56 लाख रुपये, वार्ड 13 के शंकर कुमार व नूतन कुमारी पर 21.45 लाख रुपये और वार्ड 72 स्थित गौशाला पर 19.41 लाख रुपये का प्रॉपर्टी टैक्स बकाया है।
अब तक वसूले गए ₹69 करोड़, पाटलिपुत्र सर्कल टॉप पर
चालू वित्तीय वर्ष में 1 अप्रैल से 25 सितंबर 2026 तक नगर निगम ने 1,62,051 संपत्तियों से कुल मिलाकर करीब 69 करोड़ रुपये का संपत्ति कर इकट्ठा कर लिया है। पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में इस बार कलेक्शन में 15 करोड़ रुपये से अधिक का इजाफा हुआ है।
अंचल (सर्कल) वार वसूली के आंकड़े नीचे दिए गए हैं:-
पाटलिपुत्र सर्कल: 17.92 करोड़ रुपये (सर्वाधिक वसूली)
न्यू कैपिटल सर्कल: 15.91 करोड़ रुपये
कंकड़बाग सर्कल: 13.13 करोड़ रुपये
बांकीपुर सर्कल: 10.87 करोड़ रुपये
अजीमाबाद सर्कल: 6.85 करोड़ रुपये
पटना सिटी सर्कल: 4.11 करोड़ रुपये
6,916 नई संपत्तियां टैक्स नेट में शामिल, बिजली डेटा से हुआ सत्यापन
टैक्स का दायरा बढ़ाने के लिए नगर निगम ने 6,916 नई संपत्तियों का नया मूल्यांकन किया है, जबकि 5,954 पुरानी संपत्तियों का पुनर्मूल्यांकन किया गया है। वसूली बढ़ाने के लिए रोजना लगभग 3 लाख बल्क एसएमएस भेजे जा रहे हैं और कंट्रोल रूम से सीधे फोन किए जा रहे हैं।
इसके अलावा करीब 6 लाख बिजली उपभोक्ताओं के डेटा का मिलान कर घर-घर जाकर सत्यापन कराया गया, जिससे टैक्स के दायरे से छूटी संपत्तियों को चिन्हित किया जा सके। राजस्व और नगर नियोजन टीम इमारतों के स्वीकृत नक्शे और वास्तविक निर्माण का मिलान कर रही है।
जिन इमारतों में स्वीकृत नक्शे से अलग निर्माण मिला है, वहां नियमों के तहत पुनर्मूल्यांकन कर टैक्स और जुर्माना तय किया जा रहा है। समय पर टैक्स चुकाने वाले करदाताओं को 5 प्रतिशत की छूट दी जा रही है।
1 अक्टूबर से लगेगा 1.5% जुर्माना, रविवार को भी खुलेंगे काउंटर
नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि सितंबर के आखिरी दिन तक करदाताओं के पास बिना किसी पेनल्टी के टैक्स जमा करने का मौका है। 1 अक्टूबर से बकाया संपत्ति कर पर 1.5 प्रतिशत प्रतिमाह की दर से अतिरिक्त जुर्माना लगाया जाएगा। करदाताओं की सुविधा के लिए पटना नगर निगम के सभी टैक्स काउंटर रविवार को भी सुबह 10 बजे से शाम 7 बजे तक खुले रहेंगे।
नागरिक अपने नजदीकी काउंटर पर जाकर भुगतान कर सकते हैं। इसके अलावा निगम की आधिकारिक वेबसाइट www.pmc.bihar.gov.in पर ऑनलाइन भुगतान की सुविधा उपलब्ध है तथा किसी भी जानकारी के लिए हेल्पलाइन नंबर 155304 पर संपर्क किया जा सकता है।