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राजस्थान रेल प्रोजेक्ट: मावली-मारवाड़ रेल लिंक से सुधरेगी कनेक्टिविटी और घटेगी 250 KM दूरी! उदयपुर-जोधपुर का सफर होगा 4 घंटे का

मावली-मार्वार रेलवे कॉरिडोर को ब्रॉड-गेज नेटवर्क में बदलने का उद्देश्य उदयपुर और जोधपुर के बीच यात्रा के समय को काफी कम करना है, साथ ही क्षेत्रीय मार्बल केंद्रों के लिए माल ढुलाई की सुविधा खोलना है।

Manushri Bajpaiअपडेटेड Nov 08, 2026 पर 4:00 PM
राजस्थान रेल प्रोजेक्ट: मावली-मारवाड़ रेल लिंक से सुधरेगी कनेक्टिविटी और घटेगी 250 KM दूरी! उदयपुर-जोधपुर का सफर होगा 4 घंटे का
मावली-मारवाड़ रेल लिंक परियोजना का पहला चरण मावली-नाथद्वारा-देवगढ़ मदारिया रेल सेक्शन से जुड़ा है।

राजस्थान में मेवाड़ और मारवाड़ क्षेत्र के बीच रेल कनेक्टिविटी बेहतर करने की दिशा में मावली-मारवाड़ रेल लिंक परियोजना अहम साबित हो सकती है। इस परियोजना के पूरा होने से उदयपुर, राजसमंद और मारवाड़ क्षेत्र के बीच रेल संपर्क मजबूत होने की उम्मीद है। इससे पर्यटन, व्यापार और औद्योगिक परिवहन को भी फायदा मिल सकता है। परियोजना के तहत मौजूदा मीटरगेज रेल ट्रैक को ब्रॉडगेज में बदलने के साथ मारवाड़ जंक्शन तक नई रेल लाइन विकसित करने की योजना है।

हमारी सहयोगी वेबसाइट सीएनबीसी टीवी 18 की रिपोर्ट के मुताबिक इस रेल कॉरिडोर को दो चरणों में विकसित किया जाना है। पहले चरण में मावली से नाथद्वारा होते हुए देवगढ़ मदारिया तक 82.54 किलोमीटर लंबे रेल सेक्शन का गेज परिवर्तन किया जाएगा। इसके लिए 969 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से मंजूरी दी जा चुकी है। वहीं दूसरे चरण में देवगढ़ मदारिया से टोडगढ़ होते हुए मारवाड़ जंक्शन तक 72 किलोमीटर लंबी नई रेल लाइन प्रस्तावित है। इस हिस्से के लिए रेलवे मंत्रालय ने फाइनल लोकेशन सर्वे (FLS) को मंजूरी दी है, लेकिन निर्माण की अंतिम स्वीकृति अभी मिलनी बाकी है।

दो चरणों में विकसित होगा मावली-मारवाड़ रेल कॉरिडोर

मावली-मारवाड़ रेल लिंक परियोजना का पहला चरण मावली-नाथद्वारा-देवगढ़ मदारिया रेल सेक्शन से जुड़ा है। इसकी कुल लंबाई 82.54 किलोमीटर है। इस हिस्से में पहले से मौजूद मीटरगेज रेल लाइन को ब्रॉडगेज में बदला जाएगा। इस काम के लिए 969 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से मंजूरी दी गई है।

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