Ram Mandir Ayodhya Chadhava Chori Case: अयोध्या के श्री राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के मामले में जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) ने सुप्रीम कोर्ट में अपनी स्टेटस रिपोर्ट दाखिल कर दी है। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सोमवार (21 सितंबर) को शीर्ष अदालत को बताया कि आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट 25 सितंबर तक दाखिल कर दी जाएगी। इसी दिन आरोपियों की गिरफ्तारी के 90 दिन पूरे हो रहे हैं। जांच के दौरान चांदी और कीमती सामान का हिसाब सही पाया गया है। लेकिन मंदिर के काउंटिंग रूस से करंसी हटाने की हेराफेरी सामने आई है। इस बीच, अयोध्या की एक विशेष अदालत ने राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी से जुड़े मामले में तीन आरोपियों की जमानत अर्जी सोमवार को खारिज कर दी।
CCTV में चढ़ावे की चोरी की 105 घटनाएं रिकॉर्ड
दैनिक जागरण की एक रिपोर्ट के मुताबिक, राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी की 105 घटनाएं CCTV कैमरों में रिकॉर्ड हुई हैं। SIT ने अपनी रिपोर्ट में अब तक की जांच, जुटाए गए और सुरक्षित रखे गए सबूतों तथा जांच की मौजूदा स्थिति की जानकारी दी है। SIT ने यह स्टेटस रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में सुप्रीम कोर्ट को सौंपी है। फिलहाल, SIT रिपोर्ट की कॉपी मामले में याचिका दायर करने वाले पक्षों को नहीं दी गई है।
25 सितंबर तक दाखिल होगी चार्जशीट
सोमवार को सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि जांच लगभग पूरी हो चुकी है। आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद 90 दिन की अवधि 25 सितंबर को पूरी होगी, इसलिए उससे पहले या उसी तारीख तक आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी जाएगी। चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी से संबंधित विभिन्न याचिकाओं पर सुनवाई कर रही है। शीर्ष अदालत ने SIT की ओर से दाखिल स्टेटस रिपोर्ट को रिकॉर्ड पर ले लिया।
सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल कोई आदेश जारी नहीं किया
सुप्रीम कोर्ट ने रिपोर्ट देखने के बाद कहा कि इस स्तर पर कोई आदेश जारी नहीं किया जा रहा है, क्योंकि इससे संबंधित सक्षम अदालत के समक्ष चल रही कार्यवाही प्रभावित हो सकती है। SIT की रिपोर्ट में जांच के दौरान सामने आए तथ्यों और सबूतों के संरक्षण की स्थिति का भी उल्लेख किया गया है। कोर्ट ने रिपोर्ट को फिलहाल अपने पास रखा है और उसकी सामग्री को सार्वजनिक नहीं किया गया है।
पिछली सुनवाई में रिपोर्ट की कॉपी देने से किया था इनकार
इससे पहले हुई सुनवाई में याचिकाकर्ताओं ने SIT द्वारा दाखिल की जाने वाली रिपोर्ट की कॉपी उन्हें उपलब्ध कराने की मांग की थी। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने उस समय यह अनुरोध स्वीकार नहीं किया था। कोर्ट ने कहा था कि वह पहले रिपोर्ट का खुद परीक्षण करेगा और उसके बाद तय करेगा कि इसे सार्वजनिक किया जा सकता है या नहीं। पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने SIT को जांच में तेजी लाने और इसे तार्किक निष्कर्ष तक पहुंचाने का निर्देश दिया था। साथ ही SIT को जांच की प्रगति से संबंधित स्टेटस रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में दाखिल करने को कहा गया था।
याचिकाकर्ताओं से सुझाव भी मांगे गए
सुप्रीम कोर्ट ने संबंधित पक्षों को SIT की जांच के संबंध में अपने सुझाव सॉलिसिटर जनरल के कार्यालय में देने की स्वतंत्रता भी दी थी। सोमवार की सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता आरजेडी सांसद सुधाकर सिंह की ओर से पेश वकील सत्यम सिंह राजपूत ने दोबारा कोर्ट से पूछा कि ये सुझाव कहां और किस प्रक्रिया के तहत जमा किए जाने हैं।
CBI जांच और फॉरेंसिक ऑडिट की मांग
राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के मामले में सुप्रीम कोर्ट के समक्ष कई याचिकाएं लंबित हैं। इन याचिकाओं में मामले की CBI जांच कराने की मांग की गई है। इसके अलावा मंदिर ट्रस्ट के वित्तीय मामलों और कथित चोरी से संबंधित रिकॉर्ड की फॉरेंसिक ऑडिट कराने की मांग भी याचिकाओं में की गई है। फिलहाल सुप्रीम कोर्ट के समक्ष SIT की जांच रिपोर्ट सीलबंद है और अदालत ने रिपोर्ट की समीक्षा के बाद तत्काल कोई नया निर्देश जारी नहीं किया है। चार्जशीट दाखिल होने के बाद मामले की जांच और आगे की न्यायिक प्रक्रिया की स्थिति और स्पष्ट होगी।
SIT रिपोर्ट की बड़ी बातें
सुप्रीम कोर्ट की तीन जजों की पीठ (CJI सूर्यकांत, जस्टिस जोयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना) के समक्ष सौंपी गई इस रिपोर्ट के मुख्य पॉइंट के आधार पर बड़ी बातें इस प्रकार है:-