Ram Mandir Chanda Chori Update: अयोध्या स्थित श्रीराम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी मामले में उत्तर प्रदेश पुलिस ने जेल में बंद आठ आरोपितों के खिलाफ फैजाबाद की एंटी-करप्शन कोर्ट में 73,480 पन्नों की चार्जशीट दाखिल कर दी है। बुधवार (23 सितंबर) को 90 दिन की समयसीमा पूरी होने के साथ ही बाराबंकी के एसपी रितेश कुमार सिंह और विवेचक सीओ अयोध्या आशुतोष तिवारी चार बड़े बक्सों में चार्जशीट लेकर सुप्रीम कोर्ट पहुंचे। चार्जशीट के 59 पन्नों में मामले के मुख्य बिंदु हैं। जबकि बाकी दस्तावेजों में साक्ष्यों, आरोपितों और गवाहों के बयानों का विवरण दिया गया है।
'दैनिक जागरण' की रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस ने बताया कि पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने पर मामले में ट्रस्ट पदाधिकारियों और बैंक को क्लीनचिट दी गई है। वहीं, विशेष जज (एंटी करप्शन) की अदालत में दाखिल चार्जशीट में पूर्व महासचिव चंपतराय, ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र और मंदिर के व्यवस्था प्रमुख रहे गोपाल राव को पुलिस ने सरकारी गवाह बनाया है। मंदिर से कमिटी आपत्तियों के गायब होने की बात को भी पुलिस ने खारिज कर दिया है।
आठ लोगों के खिलाफ दर्ज हुआ था मुकदमा
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य कृष्णमोहन की तहरीर और SIT की शिकायत पर रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू, अनुकूल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष यादव, करुणेश पांडेय, रमाशंकर मिश्र, अविनाश शुक्ल और सेवानिवृत्त बैंककर्मी सुभाष श्रीवास्तव के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। चार्जशीट में पुलिस ने सभी आरोपितों की भूमिका और उनके खिलाफ जुटाए गए साक्ष्यों का उल्लेख किया है।
पुलिस के मुताबिक, CCTV फुटेज में चोरी से जुड़ी 105 घटनाओं का जिक्र किया गया है। इसके अलावा चार्जशीट में 173 गवाहों के बयान भी शामिल हैं। आरोपितों के बीच हुई बातचीत से जुड़े करीब 3,300 मैसेज भी पुलिस ने सर्विलांस सेल के जरिए प्राप्त किए हैं।
अनुकूल्प मिश्रा को बताया मुख्य साजिशकर्ता
चार्जशीट में अनुकूल्प मिश्रा को मुख्य साजिशकर्ता बताया गया है। पुलिस के अनुसार, वह दूसरे लोगों से चोरी करवाता था। फिर चोरी की रकम का बंटवारा जिले के जनौरा के पास एक बाग में किया जाता था। पुलिस का दावा है कि अनुकूल्प ने अपने बहनोई लवकुश मिश्रा को मंदिर में नौकरी भी दिलवाई थी। चार्जशीट में यह भी उल्लेख है कि चंपत राय के गाड़ी का ड्राइवर टिन्नू के पास बिना किसी आदेश के दानपात्रों की चाबियां रहती थीं।
दर्शन कराने के नाम पर रुपये लेने का आरोप
चार्जशीट के मुताबिक, टिन्नू पर दर्शन कराने के नाम पर लोगों से रुपये लेने का भी आरोप है। वह वाहनों को किराए पर चलवाता था, जिससे उसे करीब 90 हजार रुपये प्रतिमाह की आय होती थी। पुलिस ने चढ़ावा चोरी का मामला सामने आने के बाद जुटाए गए CCTV फुटेज, मोबाइल मैसेज, गवाहों के बयान और अन्य साक्ष्यों को चार्जशीट का आधार बनाया है।
90 दिन की निर्धारित अवधि पूरी होने के साथ पुलिस ने अदालत में यह डिटेल्स आरोपपत्र दाखिल किया है।पुलिस ने इन तीनों को मामले में सरकारी गवाह बनाया है। वहीं, ट्रस्ट के पदाधिकारियों और बैंक के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने की बात कहते हुए उन्हें चार्जशीट में क्लीनचिट दी गई है।