रांची की अजीम प्रेमजी यूनिवर्सिटी में मेडिकल कॉलेज भी बनेगा, स्टूडेंट्स को 50-100% तक स्कॉलरशिप

अजीम प्रेमजी यूनिवर्सिटी के पहले फेज का काम पूरा हो चुका है। यूनिवर्सिटी ने एमए इन अप्लायड इकोनॉमिक्स कोर्स में एडमिशन के लिए स्टूडेंट्स से आवेदन मंगाए हैं। 2 साल के अंदर अस्पताल और मेडिकल कॉलेज का निर्माण पूरा करने का टारगेट है

अपडेटेड Sep 29, 2026 पर 4:16 PM
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अजीम प्रेमजी यूनिवर्सिटी ने एमए इन अप्लायड इकोनॉमिक्स कोर्स में एडमिशन के लिए स्टूडेंट्स से आवेदन मंगाए हैं।

रांची में बन रही अजीम प्रेमजी यूनिवर्सिटी में मेडिकल कॉलेज और हॉस्पिटल भी होंगे। सिटी के इटकी में यूनिवर्सिटी का निर्माण कार्य चल रहा है। यह यूनिवर्सिटी पूरे 150 एकड़ में होगी। इस विश्व-स्तरीय यूनिवर्सिटी से झारखंड सहित आसपास के राज्यों के स्टूडेंट्स को काफी फायदा होगा। उन्हें हायर स्टडीज के लिए घर से ज्यादा दूर नहीं जाना पड़ेगा।

यूनिवर्सिटी के पहले फेज का काम पूरा

अजीम प्रेमजी यूनिवर्सिटी के पहले फेज का काम पूरा हो चुका है। यूनिवर्सिटी ने एमए इन अप्लायड इकोनॉमिक्स कोर्स में एडमिशन के लिए स्टूडेंट्स से आवेदन मंगाए हैं। रांची कैंपस के वाइस चांसलर जुल्फिकार हैदर ने कहा, "इस यूनिवर्सिटी में फोकस सिर्फ पढ़ाई पर नहीं बल्कि नॉलेज के इस्तेमाल पर होगा।"


पूरा कैंपस आधुनिक टेक्नोलॉजी से लैस होगा

उन्होंने कहा कि वाटर हार्वेस्टिंग, स्थानीय प्रजातियों के संरक्षण, आर्ट और सस्टेनेबल डेवलपमेंट पर पूरा फोकस होगा। पढ़ाई के साथ एनवायरमेंट और नेचर का भी ख्याल रखा जाएगा। यूनिवर्सिटी का पूरा कैंपस आधुनिक टेक्नोलॉजी से लैस होगा। सोहराय पेंटिंग इसकी कलाकृति आपको कैंपस में देखने को मिलेगी।

मेडिकल की पढ़ाई के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा

2 साल के अंदर अस्पताल और मेडिकल कॉलेज का निर्माण पूरा करने का टारगेट है। जुल्फिकार बताते हैं, "यहां पर 400 बेड वाले अस्पताल का निर्माण होगा। इसमें आम जनता के लिए कम कीमत पर इलाज की सुविधा उपलब्ध होगी। रांची और आसपास के इलाकों के स्टूडेंट्स को अब मेडिकल की उच्च शिक्षा के लिए बाहर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। यहां स्टूडेंट्स को उच्च शिक्षा के साथ प्रैक्टिकल का व्यापक अनुभव मिलेगा। स्टूडेंट्स के लिए पर्याप्त छात्रावास बनाए जाएंगे।

कमजोर वर्ग के स्टूडेंट्स को फीस में मिलेगी राहत

आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के स्टूडेंट्स को 50 से 100% तक फीस में छूट मिलेगी है। स्कॉलरशिप की भी सुविधा होगी, जिससे स्टूडेंट्स पूरी पढ़ाई मुफ्त में कर सकेंगे। जुल्फिकार ने कहा, " अगले चार साल में कैंपस के पूरी तरह से बनकर तैयार हो जाने की उम्मीद है। अभी हमने दो कोर्स के लिए आवेदन मंगाए हैं। अगले साल से कोर्स की संख्या पांच हो जाएगी। 4 साल के अंदर यहां पर 35 से अधिक कोर्स की पढ़ाई शुरू हो जाएगी। यह कैंपस सिर्फ रांची नहीं बल्कि, देश के पूर्वी हिस्से के स्टूडेंट के लिए वरदान साबित होगा।

(रांची से शिखा श्रेया की रिपोर्ट)

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