झारखंड की राजस्थानी रांची के नगरी स्थित 150 एकड़ जमीन में रिम्स 2 का निर्माण काफी तेजी से हो रहा है। रिम्स 2 एक सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल होगा, जिसमें 2800 से अधिक बेड होंगे। इसके निर्माण में 4186 करोड़ की लागत आएगी। रिम्स के पीआरओ राजीव रंजन बताते हैं, इसमें प्रत्येक वर्ष एमबीबीएस की 200 सीटों पर नामांकन होगा, जिसे 250 यूजी सीटों, 200 पीजी सीटों और 200 सुपर स्पेशलाइजेशन सीटों तक बढ़ाया जा सकेगा।
पढ़ाई के लिए बाहर जाने की जरूरत नहीं
राजीव रंजन बताते हैं, राज्य के छात्रों को अब मेडिकल की प्रैक्टिस या पढ़ाई के लिए बाहर जाने की जरूरत नहीं होगी। यह मेडिकल कॉलेज प्रैक्टिस करने वाले चिकित्सकों और सर्जनों और मेडिकल साइंटिस्टों की शिक्षा, मेडिकल रिसर्च और मरीजों की देखभाल के लिए एडवांस्ड मेडिकल टेक्नोलाजी के इस्तेमाल में लीडरशिप देने का काम करेगी।
एशियन डेवलपमेंट बैंक करेगा सहयोग
रिम्स 2 के निर्माण के लिए एशियन डेवलपमेंट बैंक सहयोग करेगा। निर्माण प्रक्रिया पूरे तीन चरणों में पूरी की जाएगी। पहले चरण में एशियन डेवलपमेंट बैंक के साथ राज्य सरकार के फंड का इस्तेमाल होगा। पहले चरण में डॉक्टर और छात्रों के रहने के लिए आवास, एकेडमिक बिल्डिंग व मुख्य अस्पताल परिसर का निर्माण होगा।
इसे बनने में पूरे 5 साल का समय लगने वाला है। जमीन चिन्हित कर और टेंडर प्रक्रिया भी पूरी की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग ने इसकी पूरी जिम्मेदारी झारखंड स्टेट बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन कारपोरेशन लिमिटेड (जेएसबीसीसीएल) को सौंपी है, जिसके द्वारा इस संस्थान के डिजाइन तैयार करने व निर्माण सहित पांच वर्ष के इस प्रोजेक्ट के लिए टेंडर आमंत्रित जैसे अहम काम जल्द निपटे जाएंगे।
सारी हाईटेक सुविधाओं से लैस होगा अस्पताल
राजीव रंजन बताते हैं, अस्पताल पूरा हाईटेक सुविधाओं के साथ लैस होगा। लोगों की सुविधा व सेफ्टी का पूरा ध्यान रखा जाएगा। खासतौर पर भवन में लिफ्ट्स फायर फाइटिंग सिस्टम, फायर अलार्म सिस्टम, न्यूमेटिक ट्यूब सिस्टम, न्यूमेटिक वेस्ट और लांड्री कलेक्शन सिस्टम, आटोमेटेड फार्मेसी डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम, सालिड वेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम, आटोमेटेड वर्टिकल स्टोरेज रिट्रीवल सिस्टम, नर्स कॉल सिस्टम, हैंगर सिस्टम और भी कई सारे सुविधाएं देखने को मिलेगी।
रांची से शिखा श्रेया की रिपोर्ट