Ravi Kishan Video: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में भारी बारिश और जलभराव को लेकर स्थानीय सांसद एवं बॉलीवुड एक्टर रवि किशन और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के पार्षद विश्वजीत त्रिपाठी के बीच फोन पर हुई नोकझोंक का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। रवि किशन शनिवार (26 सितंबर) को बीजेपी पार्षद विश्वजीत त्रिपाठी पर भड़क गए। वीडियो सामने आने के बाद इसे लेकर राजनीतिक चर्चा शुरू हो गई है। वायरल वीडियो में त्रिपाठी शहर के कई हिस्सों में जलभराव की समस्या का जिक्र करते हुए किशन से पूछते रहे हैं कि वह कहां हैं।
इस पर सांसद जवाब देते हैं कि वह तारामंडल में हैं। साथ ही पार्षद से पूछते हैं कि वह कहां हैं। इस दौरान रवि किशन ने बीजेपी पार्षद पर समाजवादी पार्टी (SP) का नेता बनने का आरोप लगा दिया। बातचीत में सांसद अपनी ही पार्टी के पार्षद से कहते हुए सुनाई पड़ रहे हैं कि "का हो सपा जॉइन कई लेहला का, अईसन काहे बोलत बाटा...।'
वहीं, दूसरी तरफ से पार्षद भी उन्हें कहते हैं कि हम आपसे जन समस्याओं को लेकर बात कर रहे हैं और आप सपा जॉइन करने की बात कर रहे हैं तो क्या आपने BSP जॉइन कर ली है? यह बातचीत सोशल मीडिया पर यूजर्स के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।
BJP नेताओं में क्यों हुई बहस?
वीडियो में त्रिपाठी विभिन्न क्षेत्रों में जलभराव का जिक्र करते हुए आरोप लगाते हैं कि तरकुलही और पाम पैराडाइज के पास बाढ़ कंट्रोल के लिए लगाए गए रेगुलेटर ठीक से काम नहीं कर रहे। उन्होंने कहा कि वह सांसद से इस संबंध में हस्तक्षेप करने को कहते हैं। रवि किशन यह कहते सुनाई दे रहे हैं कि वह इस मामले को देखेंगे और वह पहले से ही क्षेत्र में रहकर स्थिति पर नजर रख रहे हैं।
बातचीत के दौरान सांसद कथित मजाकिया लहजे में त्रिपाठी से पूछते हैं कि क्या वह समाजवादी पार्टी में शामिल हो गए हैं जिसके जवाब में त्रिपाठी किशन से पूछते हैं कि क्या वह बहुजन समाज पार्टी (BSP) में शामिल हो गए हैं। यह वीडियो सामने आने के बाद इस बातचीत को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी शुरू हो गई।
किसने सोशल मीडिया पर शेयर किया वीडियो?
त्रिपाठी ने कहा कि उन्हें नहीं पता कि यह बातचीत किसने रिकॉर्ड की या इसे सोशल मीडिया पर किसने शेयर किया। उन्होंने कहा कि भारी बारिश के दौरान वह स्थानीय लोगों के साथ बैठे थे और सिंचाई विभाग के अधिकारी जनप्रतिनिधियों की पहुंच में नहीं थे तथा उनकी शिकायतों का जवाब नहीं दे रहे थे। इसी वजह से उन्होंने सांसद को फोन किया।
रवि किशन ने कहा कि वह खुद सड़कों पर उतरकर स्थिति पर नजर रख रहे थे और प्रशासन के साथ समन्वय कर रहे थे। उन्होंने बारिश को अभूतपूर्व बताते हुए कहा कि गोरखपुर में लगभग दो दशक में इतनी भारी बारिश नहीं हुई और उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में असामान्य रूप से अधिक वर्षा हुई है। सांसद ने कहा कि संकट के दौरान प्राथमिकता लोगों की शिकायतों का समाधान करना और सामान्य स्थिति बहाल करना है तथा ऐसी स्थिति का राजनीतिकरण नहीं किया जाना चाहिए।
इस विवाद पर समाजवादी पार्टी (SP) की भी प्रतिक्रिया आई। सपा जिलाध्यक्ष बृजेश गौतम ने कहा कि BJP की नीतियों से असंतुष्ट और सत्तारूढ़ दल का विरोध करने वालों के लिए पार्टी के दरवाजे खुले हैं। उन्होंने कहा कि त्रिपाठी पहले सपा के टिकट पर पार्षद चुने गए थे और बाद में भाजपा में शामिल हो गए।
भारतीय जनता पार्टी के क्षेत्रीय महामंत्री सत्येंद्र सिन्हा ने कहा कि मामले में कोई भी कार्रवाई पार्टी की अनुशासन समिति तय करेगी। उन्होंने हालांकि कहा कि यह मुद्दा सोशल मीडिया के बजाय पार्टी मंच पर उठाया जाना चाहिए था।
सिन्हा ने भारी बारिश को प्राकृतिक आपदा बताते हुए कहा कि भाजपा कार्यकर्ताओं और सरकारी एजेंसियों ने रातभर काम किया। उन्होंने कहा कि प्रभावित इलाकों से पानी निकाला गया और रविवार सुबह तक बारिश थमने के बाद अधिकांश क्षेत्रों में जलभराव खत्म हो गया। न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, उत्तर प्रदेश में शनिवार को बारिश से जुड़ी घटनाओं में 10 लोगों की मौत और 17 लोगों के घायल होने की खबर है।