मुंबई के 64 साल के ओटिस डिसूजा (Otis D'Souza) ने अपनी कंपनी बेचकर करीब 25 करोड़ रुपये कमाए, लेकिन रिटायरमेंट के बाद उनका मन घर बैठने में नहीं लगा। उन्होंने 1999 में 'फाउंटेनहेड एक्सपीरियंस प्राइवेट लिमिटेड' कंपनी शुरू की थी, जिसे 2015 में जापान की कंपनी डेंटसू ने खरीद लिया। अब वह Gen Z के एक स्टार्टअप में बिना सैलरी के इंटर्न की तरह काम कर रहे हैं। उनका कहना है कि वह युवाओं के साथ समय बिताने और अपना एक्सपीरियंस शेयर करने के लिए ऐसा करते हैं।
ओटिस की मुलाकात 26 साल के जोशुआ सालिन्स से चर्च में हुई थी। दोनों की अच्छी दोस्ती हो गई और कुछ समय बाद जोशुआ ने उन्हें अपने स्टार्टअप 'हॉबी ट्राइब' (Hobby Tribe) के ऑफिस आने का न्योता दिया। यह कंपनी ऑनलाइन हॉबी क्लासेज और स्किल ट्रेनिंग देती है। अब ओटिस जब मन करता है, ऑफिस पहुंच जाते हैं। वहां वह कर्मचारियों से बातें करते हैं और कभी-कभी सबके लिए कॉफी भी बनाते हैं।
युवाओं को देते हैं बिजनेस संभालने की सलाह
'हॉबी ट्राइब' में ओटिस मेंटर की तरह काम करते हैं। वह कर्मचारियों की परेशानियां सुनते हैं और जोशुआ को टीम संभालने और बिजनेस बढ़ाने की सलाह देते हैं। जब स्टार्टअप में कर्मचारियों की संख्या 4 से बढ़कर करीब 10 हो गई, तो टीम संभालना जोशुआ के लिए मुश्किल होने लगा। ऐसे में ओटिस ने उन्हें काम बांटने और ऐसा सिस्टम बनाने की सलाह दी, जिससे उनके बिना भी कंपनी ठीक से चल सके।
ओटिस युवाओं को सीधे कोई सलाह देने के बजाय अपने अनुभव और गलतियों की कहानियां सुनाते हैं। इससे उन्हें सीखने और अपने फैसले खुद लेने में मदद मिलती है।
ओटिस को देखकर रिटायर लोगों में बढ़ा उत्साह
जोशुआ ने जब इंस्टाग्राम पर ओटिस का वीडियो शेयर किया, तो उनकी कहानी चर्चा में आ गई। इसके बाद कई रिटायर हो चुके लोगों ने उनसे संपर्क किया। कुछ लोग कंसल्टिंग करना चाहते थे, तो कुछ घर से बाहर निकलकर लोगों के साथ समय बिताना चाहते थे। जोशुआ को उम्मीद है कि दूसरी कंपनियां भी अनुभवी लोगों को काम करने का मौका देंगी।
फिलहाल, ओटिस बिना किसी तय समय या लक्ष्य के 'हॉबी ट्राइब' से जुड़े हुए हैं। उनके लिए यह काम कमाई का जरिया नहीं, बल्कि युवाओं के साथ समय बिताने और अपना अनुभव साझा करने का एक तरीका है।