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UPI Charges: ₹2000 से ज्यादा के UPI ट्रांजैक्शन पर चार्ज का रास्ता साफ! सुप्रीम कोर्ट ने स्टे देने से किया इनकार

SC Refuses Stay UPI Transaction Charges: सुप्रीम कोर्ट ने 2,000 रुपये से अधिक के मर्चेंट UPI ट्रांजैक्शन पर चार्ज लगाने के केंद्र सरकार के फैसले पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है। CJI सूर्यकांत की अगुआई वाली पीठ ने सरकार को नोटिस जारी कर इस फैसले पर हलफनामा मांगा है। सरकार ने कोर्ट को स्पष्ट किया कि 96% यूजर्स इससे प्रभावित नहीं होंगे और यह सरकार का कोई टैक्स नहीं, बल्कि बैंकों के बीच का सेटलमेंट चार्ज है

Curated By: Abhishek Guptaअपडेटेड Sep 28, 2026 पर 1:07 PM
UPI Charges: ₹2000 से ज्यादा के UPI ट्रांजैक्शन पर चार्ज का रास्ता साफ! सुप्रीम कोर्ट ने स्टे देने से किया इनकार
सरकार ने कोर्ट को स्पष्ट किया कि 96% यूजर्स इससे प्रभावित नहीं होंगे और यह सरकार का कोई टैक्स नहीं, बल्कि बैंकों के बीच का सेटलमेंट चार्ज है

UPI Merchant Transaction Charges: ₹2,000 से अधिक के मर्चेंट यूपीआई लेनदेन पर शुल्क लगाने को लेकर सुप्रीम कोर्ट से बड़ा अपडेट आया है। केंद्र सरकार के फैसले पर कोर्ट ने फिलहाल रोक लगाने से साफ इनकार कर दिया है। वैसे शीर्ष अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया है और इस फैसले के कानूनी आधार व तकनीकी पहलुओं को स्पष्ट करने के लिए एक विस्तृत हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है।

मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत, न्यायमूर्ती जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ ने वित्त मंत्रालय की ओर से 14 और 15 सितंबर को जारी गजट अधिसूचनाओं को रद्द करने की मांग वाली रिट याचिका पर यह सुनवाई की।

कोर्ट रूम दिखा जबरदस्त ड्रामा

सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने यूपीआई लेनदेन पर लगाए जा रहे इस शुल्क के कानूनी स्वरूप और अधिकार क्षेत्र पर कई अहम सवाल उठाए। जस्टिस बागची ने सवाल किया कि, 'यह फीस या टैक्स नहीं तो आखिर क्या है?' न्यायमूर्ती जॉयमाल्य बागची ने सरकार की मंशा और अधिकार क्षेत्र पर सवाल उठाते हुए कहा, 'अगर यह कोई फीस नहीं है, तो फिर इस शुल्क का वास्तविक चरित्र क्या है? 140 करोड़ भारतीयों के लेनदेन पर इस तरह का चार्ज वसूलने का एग्जीक्यूटिव स्कोप क्या है?"

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