News18 Rising Bharat Summit 2026: महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर बयानबाजी तेज हो गई है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के प्रमुख शरद पवार को लेकर ऐसा बयान दिया है, जिस पर आने वाले दिनों में राजनीतिक चर्चाएं तेज हो सकती हैं। फडणवीस ने शरद पवार को एक बड़ा नेता बताया। साथ ही तंज कसते हुए कहा कि कई बार लोगों को समझ नहीं आता कि वह क्या करना चाहते हैं। लेकिन कभी-कभी खुद शरद पवार को भी यह नहीं पता होता कि उन्हें आगे क्या करना है। उन्होंने यह टिप्पणी बुधवार (28 अक्टूबर) को आयोजित 'न्यूज18 राइजिंग भारत समिट: वेस्ट एडिशन' (News18 Rising Bharat Summit: West Edition) में की।
फडणवीस का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब महाराष्ट्र की राजनीति में गठबंधन, बदलते राजनीतिक समीकरण और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के दोनों धड़ों के बीच संभावित नजदीकियों को लेकर चर्चाएं होती रही हैं। मुख्यमंत्री की इस टिप्पणी को शरद पवार की राजनीतिक रणनीति और उनके फैसलों को लेकर कटाक्ष के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि, फडणवीस ने अपने बयान में किसी खास फैसले या राजनीतिक घटनाक्रम का खास तौर पर जिक्र नहीं किया।
शरद पवार को लेकर क्या बोले देवेंद्र फडणवीस?
कार्यक्रम के दौरान शरद पवार के राजनीतिक रुख पर टिप्पणी करते हुए देवेंद्र फडणवीस ने कहा, "शरद पवार एक बड़े नेता हैं। कई बार लोगों को समझ नहीं आता कि वह क्या करना चाहते हैं। लेकिन कभी-कभी उन्हें खुद भी नहीं पता होता कि वह क्या करना चाहते हैं।" फडणवीस के इस बयान को महाराष्ट्र की राजनीति में शरद पवार की भूमिका और उनकी रणनीतिक चालों पर टिप्पणी के रूप में देखा जा रहा है। शरद पवार महाराष्ट्र के वरिष्ठ और प्रभावशाली नेताओं में गिने जाते हैं। राज्य की राजनीति में उनकी लंबे समय से महत्वपूर्ण भूमिका रही है। विभिन्न राजनीतिक दलों के साथ उनके समीकरण समय-समय पर चर्चा का विषय बनते रहे हैं।
NCP के दोनों धड़ों के बीच सुलह की चर्चा
महाराष्ट्र में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी का विभाजन साल 2023 में हुआ था। उस समय दिवंगत अजित पवार कई विधायकों के साथ राज्य सरकार में शामिल हो गए थे। जबकि शरद पवार के नेतृत्व वाला गुट अलग रहा। इसके बाद से दोनों धड़ों के राजनीतिक संबंध और भविष्य की रणनीति राज्य की राजनीति में अहम मुद्दे बने रहे हैं। समय-समय पर दोनों गुटों के बीच संभावित सुलह या नजदीकी को लेकर चर्चाएं सामने आती रही हैं। ऐसे राजनीतिक माहौल में फडणवीस की टिप्पणी को शरद पवार की रणनीति पर निशाना साधने के तौर पर देखा जा रहा है।
गठबंधन सरकार चलाने की चुनौतियों पर भी बोले मुख्यमंत्री
देवेंद्र फडणवीस ने केवल विपक्षी राजनीति पर ही टिप्पणी नहीं की। बल्कि गठबंधन सरकार चलाने की चुनौतियों पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि गठबंधन सरकार में अलग-अलग दलों और सहयोगियों की अपेक्षाओं को समझना तथा उनके बीच सहमति बनाना बेहद जरूरी होता है। फडणवीस के मुताबिक, गठबंधन सरकार चलाने के लिए नेताओं को सहमति बनाने की कला सीखनी पड़ती है। उन्होंने दावा किया कि सरकार चलाने के दौरान वह लगभग 99 प्रतिशत मुद्दों पर सहमति बनाने में सफल रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा, "गठबंधन सरकार में चुनौतियां होती हैं। सभी के बीच सहमति बनाने की कला सीखनी पड़ती है। मैं 99 प्रतिशत मुद्दों पर सहमति हासिल करने में सफल रहा हूं।" उनके इस बयान को गठबंधन सहयोगियों के बीच तालमेल बनाए रखने और सरकार के कामकाज को आगे बढ़ाने की रणनीति से जोड़कर देखा जा सकता है। गठबंधन की राजनीति में अलग-अलग दलों की प्राथमिकताएं कई बार अलग होती हैं। ऐसे में जॉइंट फैसले लेना सरकार के लिए महत्वपूर्ण चुनौती बन जाता है।
मराठा आरक्षण पर फडणवीस का बड़ा बयान
कार्यक्रम के दौरान महाराष्ट्र में आरक्षण से जुड़े मुद्दों पर भी मुख्यमंत्री ने अपनी स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार विभिन्न समुदायों की मांगों के बीच संतुलन बनाने की कोशिश कर रही है। यह काम संविधान के दायरे में रहकर किया जा रहा है। मराठा आरक्षण के मुद्दे पर फडणवीस ने कहा कि राज्य सरकार ने मराठा समुदाय को आरक्षण दिया है। इस फैसले से जुड़ा मामला बॉम्बे हाई कोर्ट में लंबित है। उन्होंने भरोसा जताया कि अदालत में सरकार अपना पक्ष मजबूती से रख सकेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा, "हमने मराठा आरक्षण दिया है और इस मामले में हाई कोर्ट में सुनवाई चल रही है। हमें विश्वास है कि हम हाई कोर्ट में अपने रुख को बरकरार रख पाएंगे।" बता दें कि मराठा आरक्षण महाराष्ट्र की राजनीति का एक महत्वपूर्ण और संवेदनशील मुद्दा रहा है। इस मांग को लेकर राज्य में लंबे समय से आंदोलन और राजनीतिक बहस होती रही है। सरकार के सामने आरक्षण से संबंधित कानूनी प्रावधानों, विभिन्न समुदायों की मांगों और संवैधानिक सीमाओं के बीच संतुलन बनाने की चुनौती है। फडणवीस ने अदालत में सरकार की स्थिति को लेकर भरोसा जताया। लेकिन अंतिम फैसला न्यायिक प्रक्रिया के तहत ही होगा।