6 दिन में 17% तक बढ़े चीनी के दाम! त्योहारी सीजन से पहले क्या देश में सप्लाई संकट गहराया?

Sugar Prices Surge: त्योहारी सीजन से ठीक पहले देश में चीनी की कीमतों बड़ा उछाल आया है। मांग बढ़ने और सप्लाई टाइट होने से उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र में दाम 17% तक उछल गए हैं। सरकार द्वारा अतिरिक्त स्टॉक जारी करने और ड्यूटी-फ्री आयात की अनुमति देने के बावजूद कीमतें काबू में नहीं आ रही हैं। क्या दिवाली पर मीठी चीजें खाना और महंगा होने वाला है? जानिए दिल्ली, लखनऊ और पटना के ताजा रेट

अपडेटेड Oct 14, 2026 पर 9:52 AM
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जीके सूद ने बताया कि देश में चीनी की पर्याप्त उपलब्धता का संकट बना हुआ है

Sugar Prices Surge: देश में दशहरा और दिवाली से ठीक पहले चीनी की कीमतों में तेज उछाल देखने को मिल रहा है। त्योहारी मांग और घरों के साथ-साथ कन्फेक्शनरी व स्वीटमेकर्स की तरफ से डिमांड बढ़ने के कारण पिछले कुछ दिनों में चीनी के दाम 17% तक चढ़ गए हैं। स्थानीय व्यापारियों के हवाले से मिली रिपोर्ट के मुताबिक, उत्तर प्रदेश में एक्स-मिल भाव 6 अक्टूबर के ₹4,600 से 13% बढ़कर 12 अक्टूबर को ₹5,200 प्रति क्विंटल तक पहुंच गए, जबकि महाराष्ट्र में कीमतें बढ़कर ₹5,100 प्रति क्विंटल हो गईं।

सप्लाई में कमी और स्टॉक पर कड़े प्रतिबंध

कृषि विशेषज्ञ और स्वतंत्र निदेशक जीके सूद ने बताया कि देश में चीनी की पर्याप्त उपलब्धता का संकट बना हुआ है। सरकार की ओर से बाजार में अतिरिक्त 300,000 टन चीनी जारी किए जाने के बावजूद कीमतों पर लगाम नहीं लग पा रही है। इसके अलावा, स्टॉक लिमिट और व्यापार पर लगाए गए कड़े प्रतिबंधों ने सप्लाई चेन को और ज्यादा कस दिया है।


दिवाली से पहले कीमतों में और अधिक तेजी आने की आशंका के चलते केंद्र सरकार ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कई कदम उठाए हैं। सरकार ने 1 मिलियन टन कच्ची चीनी के ड्यूटी-फ्री आयात की अनुमति दी है, डीलरों पर स्टॉक होल्डिंग लिमिट लागू की है और थोक उपभोक्ताओं के घरेलू खुले बाजार से खरीद करने पर रोक लगा दी है।

क्रशिंग सीजन में देरी और किसानों की मांग

उद्योग जगत की ओर से इस साल गन्ने की पिराई जल्दी शुरू करने की योजना थी, लेकिन महाराष्ट्र और कर्नाटक में कटाई के लिए पर्याप्त गन्ने की कमी के चलते इसमें रुकावट आई है।

इस बीच, 12 अक्टूबर को केंद्र सरकार ने महाराष्ट्र और कर्नाटक के गन्ना किसानों की चिंताओं को दूर करने के लिए एक हफ्ते के भीतर एक उच्च स्तरीय संयुक्त समिति गठित करने का फैसला किया है।

दिल्ली स्थित पूसा कैंपस में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और खाद्य मंत्री प्रह्लाद जोशी के साथ किसान प्रतिनिधिमंडल की करीब तीन घंटे चली मैराथन बैठक के बाद यह निर्णय लिया गया। इस बैठक में विभिन्न किसान संगठनों के 80 से 90 प्रतिनिधियों के साथ राज्य के मंत्री भी शामिल हुए।

चूंकि 2026-27 का नया सीजन 1 अक्टूबर से शुरू हो चुका है और मिलें गन्ने की पिराई की तैयारी कर रही हैं, ऐसे में किसान बढ़ते उत्पादन लागत को संतुलित करने के लिए गन्ने के उचित मूल्य और चीनी के न्यूनतम बिक्री मूल्य (MSP) को ₹31 प्रति किलोग्राम से बढ़ाकर ₹50 प्रति किलोग्राम करने की मांग कर रहे हैं।

देश के प्रमुख शहरों में चीनी के ताजा खुदरा और थोक बाजार भाव

अक्टूबर 2026 के दूसरे हफ्ते में त्योहारी मांग के दबाव के बीच देश के प्रमुख थोक और खुदरा बाजारों में चीनी की कीमतें मजबूत बनी हुई हैं। दिल्ली, लखनऊ और पटना के ताजा बाजार भावों की बात करें तो, दिल्ली की मंडियों में थोक भाव ₹4,850 से ₹5,000 प्रति क्विंटल के आसपास चल रहे हैं, जबकि खुदरा बाजार में चीनी ₹52 से ₹57 प्रति किलोग्राम तक बिक रही है।

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में बेंचमार्क थोक रेट औसतन ₹5,019 प्रति क्विंटल (करीब ₹50 प्रति किलो) दर्ज किए गए हैं, और स्थानीय खुदरा दुकानों में यह ₹53 से ₹56 प्रति किलो के दायरे में है। वहीं, बिहार की राजधानी पटना तथा आसपास के क्षेत्रीय बाजारों में त्योहारी उठापटक के चलते खुदरा कीमतें ₹55 से ₹58 प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई हैं, जिससे आम उपभोक्ताओं की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है।

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