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राम मंदिर चंदा गबन मामले में सुप्रीम कोर्ट का ट्रायल का आदेश; SIT बोली- ₹2.7 करोड़ की हेराफेरी

अयोध्या राम मंदिर में दान के करीब 2.7 करोड़ रुपये की कथित हेराफेरी के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने SIT की चार्जशीट में शामिल आठ आरोपियों के खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी दे दी है। SIT ने जांच के दौरान बैंक खातों, पैसों के लेन-देन, संपत्ति, गाड़ियों, गहनों और अन्य खर्चों की जांच की थी

Edited By: Ankita Pandeyअपडेटेड Nov 03, 2026 पर 12:07 PM
राम मंदिर चंदा गबन मामले में सुप्रीम कोर्ट का ट्रायल का आदेश; SIT बोली- ₹2.7 करोड़ की हेराफेरी
सुप्रीम कोर्ट ने मामले की जांच की मांग करने वाले याचिकाकर्ताओं को भी पीड़ित का दर्जा दिया है

अयोध्या के राम मंदिर में दान के पैसों की कथित चोरी का मामला सामने आने के करीब पांच महीने बाद सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में बड़ी कार्रवाई की है। कोर्ट ने SIT की चार्जशीट में नामजद आठ आरोपियों के खिलाफ मुकदमा चलाने की अनुमति दे दी है। एसआईटी (SIT) की जांच रिपोर्ट के अनुसार, इस मामले में कुल ₹2.7 करोड़ की राशि की गड़बड़ी की गई है। SIT ने सुप्रीम कोर्ट को सौंपी अपनी रिपोर्ट में बताया कि मामले की जांच के दौरान पैसों के लेन-देन और फोरेंसिक सबूतों की बारीकी से पड़ताल की गई। इसमें नकद जमा, बैंक ट्रांजैक्शन, संपत्ति की खरीद, निर्माण पर हुए खर्च, गाड़ियों, गहनों और अन्य संपत्तियों के साथ कार्यक्रमों पर किए गए खर्च की भी जांच की गई। रिपोर्ट के मुताबिक, इस मामले में करीब 2.7 करोड़ रुपये की कथित हेराफेरी हुई है।

सुप्रीम कोर्ट को दी पूरी जानकारी

TOI के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट ने मामले की जांच की मांग करने वाले याचिकाकर्ताओं को भी पीड़ित का दर्जा दिया है और उन्हें मुकदमे की सुनवाई में सहयोग करने की इजाजत दी है। सोमवार को सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सुप्रीम कोर्ट को जांच की पूरी प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जांच के दौरान आरोपियों के बैंक खातों और उनके द्वारा खरीदी गई अचल संपत्तियों की पड़ताल की गई। इसके अलावा, मामले से जुड़े CCTV फुटेज भी खंगाले गए। इन सभी सबूतों और जांच के आधार पर 23 सितंबर को आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई थी।

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