ओबीसी आरक्षण के तहत क्रीमी लेयर तय करने के नियमों को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को बड़ा झटका दिया है। शीर्ष अदालत ने 11 मार्च को दिए अपने फैसले को बरकरार रखते हुए उसमें बदलाव या स्पष्टीकरण की मांग करने वाली केंद्र सरकार की अर्जी खारिज कर दी है। कोर्ट ने फिर स्पष्ट किया है कि ओबीसी उम्मीदवारों के क्रीमी लेयर स्टेटस का निर्धारण सिर्फ माता-पिता की सैलरी और कृषि से होने वाली आय के आधार पर नहीं किया जा सकता। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को उन योग्य अभ्यर्थियों को नियुक्ति देने का निर्देश भी दिया है जिन्होंने सिविल सेवा परीक्षा पास की थी लेकिन ओबीसी क्रीमी लेयर के गलत आकलन के कारण कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) ने उन्हें नियुक्ति या सेवा आवंटन नहीं दिया था। इनमें IAS, IPS, IRS समेत अन्य केंद्रीय सेवाओं के लिए चयनित ऐसे उम्मीदवार शामिल हैं जो अदालत के तय मानदंडों के तहत ओबीसी नॉन-क्रीमी लेयर के पात्र हैं।
