चारों तरफ पहाड़ से घिरा औरमांझी के पास है रांची का गागरी गांव। चारों तरफ हरियाली, खेत, ठंडी हवा और पहाड़ की तलहटी नजारे में चार चांद लगाती है। करोड़पति लोग यहां पर फार्म हाउस बनाना काफी पसंद कर रहे हैं। यहां हर 10 कदम पर एक से बढ़कर एक सुंदर फार्म हाउस हैं। लोग शहर की भागमभाग को छोड़ सुकून के लिए गागरी गांव का रुख करते हैं। यहां की एक और खास बात यह है कि यहां जमीन भी सस्ती है। यहां दो लाख रुपये में एक डिसमिल जमीन मिल सकती है।
सुकून की तलाश खींच लाती है गागरी
गागरी गांव में अपना फार्म हाउस बनाने वाले बृजेश बताते हैं, यहां पर जमीन काफी सस्ती मिल गई थी। यहां पास में पहाड़ है, चारों तरफ हरियाली है। छत पर जाता हूं तो चारों लहलहाती खेती नजर आती है। जो काफी सुकून देती है। एक सुकून है, जो हर बार यहां खींच लाता है।
गागरी गांव में साफ सफाई भी नंबर वन है। यहां पर गंदगी फैलाने वालों से 1000 रुपये जुर्माना वसूला जाता है। इसकी साफ-सुथरे वातावरण और खूबसूरती की वजह से स्थानीय लोग यहां इस गांव को रांची का स्विट्जरलैंड कहते हैं।
यहां छोटी-छोटी क्यारी मिलेगी, जहां से एकदम साफ पानी बहता है। यहां गागरी पहाड़ की चोटी पर महादेव जी का मंदिर है। लोग पहाड़ पर जाकर भगवान शिव का जलाभिषेक करते हैं और वहां से अद्भुत नजारे का आनंद लेते हैं। यहां पर आने वाले लोग कहते हैं कि एक बार फिर से हम लोग प्राचीन भारत में आ गए हैं।
गागरी गांव के स्थानीय निवासी प्रदीप बताते हैं कि यहां के लोग जागरूक हैं और खेलों के प्रति भी उनमें बहुत रूचि है। इस गांव के लड़कों की अपनी फुटबॉल टीम है और वे अक्सर आपस में मैच भी खेलते हैं। यहां लगभग हर शनिवार को फुटबॉल मैच खेला जाता है। एंटरटेनमेंट के नाम पर खो-खो, कबड्डी यह सब खेली जाती है। इंटरनेट नहीं बल्कि शारीरिक रूप से खेल व कला इन सब चीजों के जरिए यहां पर एंटरटेनमेंट होती है।
रांची से शिखा श्रेया की रिपोर्ट