तमिलनाडु में दुल्हनों पर बरसेगी सौगात, सोने का सिक्का और सिल्क साड़ी देगी सरकार! जानें क्या है अन्नन सीर योजना

तमिलनाडु सरकार ने अन्नन सीर योजना के लिए 812 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। इस योजना के तहत पात्र दुल्हनों को 8 ग्राम 22 कैरेट सोने का सिक्का और एक सिल्क साड़ी दी जाएगी।

अपडेटेड Oct 06, 2026 पर 11:02 AM
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तमिलनाडु में नई दुल्हनों के लिए योजना शुरू, 8 ग्राम सोना और सिल्क साड़ी मिलेगी

तमिलनाडु, 6 अक्टूबर 2026: तमिलनाडु सरकार ने नई दुल्हनों के लिए ‘अन्नन सीर’ योजना लागू करने को मंजूरी दे दी है। इसके लिए सरकार ने 812 करोड़ रुपये का बजट तय किया है। योजना के तहत पात्र दुल्हनों को 8 ग्राम सोने का सिक्का और एक सिल्क साड़ी दी जाएगी।

योजना में परिवार की सालाना आय सीमा में भी बदलाव किया गया है। पहले 5 लाख रुपये तक की सालाना आय वाले परिवारों को इसका लाभ देने की बात कही गई थी। अब इस सीमा को घटाकर 2.5 लाख रुपये कर दिया गया है।

जानें क्या है अन्नन सीर योजना?

  • अन्नन सीर योजना तमिलनाडु सरकार की एक कल्याणकारी योजना है, जिसका उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों की शादी में सहायता करना है।
  • योजना के तहत पात्र दुल्हनों को 8 ग्राम का 22 कैरेट सोने का सिक्का दिया जाएगा।
  • इसके अलावा लाभार्थी दुल्हनों को एक सिल्क साड़ी भी दी जाएगी।
  • योजना का नाम तमिल परंपरा में बड़े भाई द्वारा बहन की शादी में दिए जाने वाले उपहार ‘सीर’ की परंपरा से जुड़ा है।


योजना के लिए आय सीमा हुई कम

पहले इस योजना के लिए ₹5 लाख तक की वार्षिक पारिवारिक आय वाले परिवारों को पात्र बनाने का वादा किया गया था। हालांकि, अब सरकार ने पात्रता के लिए आय सीमा को घटाकर ₹2.5 लाख प्रति वर्ष कर दिया है।

इस बदलाव के बाद ₹2.5 लाख से अधिक और ₹5 लाख तक की वार्षिक आय वाले परिवार योजना का लाभ नहीं ले पाएंगे।

दूसरी कल्याणकारी योजनाओं से समानता

गौरतलब है कि अन्नन सीर योजना तमिलनाडु में हाल ही में शुरू की गई नवजात शिशुओं के लिए कल्याणकारी योजना ‘थाई मामन थंगा मोथिरम थिट्टम’ से काफी मिलती-जुलती है। यह योजना मुख्यमंत्री विजय द्वारा शुरू की गई थी।

इस योजना के जरिए तमिलनाडु सरकार आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों की शादी में मदद पहुंचाने की कोशिश कर रही है। 8 ग्राम सोना और सिल्क साड़ी जैसी सहायता से शादी के खर्च का बोझ कम करने का लक्ष्य है। हालांकि, ₹5 लाख से घटाकर ₹2.5 लाख की गई आय सीमा के कारण अब यह योजना पहले के मुकाबले कम परिवारों तक पहुंच पाएगी। इस योजना से आने वाली दुल्हनों के परिवारों को बेटी की शादी की चिंता कुछ कम होगी और शादी के खर्च में भी उन्हें काफी मदद मिलेगी।

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