Tata Trusts Charity Spending: देश के सबसे बड़े धर्मार्थ संगठनों में से एक टाटा ट्रस्ट्स ने वित्त वर्ष 2026 में अपनी चैरिटी खर्च में रिकॉर्ड बढ़ोतरी की है। नवीनतम वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, टाटा ट्रस्ट्स द्वारा दिया जाने वाला कुल दान पिछले दो वर्षों से लगातार बढ़ रहा है और FY26 में इसमें 70 प्रतिशत से अधिक का भारी उछाल आया है।
आंकड़ों के मुताबिक, वित्त वर्ष 2026 में टाटा ट्रस्ट्स ने ₹1,556 करोड़ के अनुदान वितरित किए, जबकि इससे पिछले साल (FY25) यह आंकड़ा ₹902 करोड़ था। पिछले दो सालों का कुल खर्च मिलाकर ₹2,458 करोड़ पहुंच गया है, जो कि FY21 से FY24 के चार सालों में किए गए कुल आवंटन के लगभग बराबर है।
महामारी के बाद फिर पकड़ी रफ्तार
टाटा ट्रस्ट्स ने कोविड-19 महामारी के समय अपना फंड आवंटन काफी बढ़ाया था:
महामारी के बाद इसमें थोड़ी गिरावट देखी गई थी। FY23 में ₹400 करोड़ और FY24 में ₹523 करोड़ का खर्च हुआ था। वैसे FY25 और FY26 में ट्रस्ट ने एक बार फिर सामाजिक कल्याण के लिए फंड में अभूतपूर्व बढ़ोतरी की है।
कहां और कैसे खर्च हुआ ₹1,556 करोड़ का फंड?
FY26 में बांटे गए ₹1,556 करोड़ के कुल फंड को दो मुख्य श्रेणियों में विभाजित किया गया है:
संस्थागत अनुदान और प्रत्यक्ष क्रियान्वयन खर्च: कुल फंड का 80% से अधिक हिस्सा शिक्षण संस्थानों और अस्पतालों जैसी संस्थाओं को सीधे तौर पर दिया गया।
व्यक्तिगत अनुदान: शेष ₹200 करोड़ का उपयोग स्वास्थ्य, शिक्षा और गरीबी उन्मूलन जैसे व्यक्तिगत कारणों के लिए जरूरतमंदों को सहायता देने में हुआ।
सेक्टर-वाइज खर्च का ब्योरा
टाटा ट्रस्ट्स ने देश के अलग-अलग क्षेत्रों के विकास के लिए भारी फंड जारी किया है:
ग्रामीण उत्थान: सबसे बड़ा हिस्सा यानी ₹450 करोड़ ग्रामीण विकास परियोजनाओं को दिया गया। इसमें आजीविका के साधन उपलब्ध कराने और वित्तीय समावेशन के कार्यक्रम शामिल हैं।
शिक्षा क्षेत्र: शिक्षा से जुड़ी योजनाओं और पहलों पर ₹270 करोड़ खर्च किए गए।
कैंसर देखभाल: कैंसर के इलाज और सुविधाओं के लिए ₹178 करोड़ की वित्तीय सहायता दी गई। टाटा ट्रस्ट्स 'टाटा कैंसर केयर फाउंडेशन' (TCCF) को फंड देता है, जो कई अस्पतालों का संचालन करता है और वंचित मरीजों को वित्तीय सहायता प्रदान करता है।
चेयरमैन नोएल टाटा का विजन: हेल्थकेयर रहेगा मुख्य फोकस
वित्त वर्ष 2026 के लिए जारी चेयरमैन लेटर में टाटा ट्रस्ट्स के अध्यक्ष नोएल टाटा ने स्पष्ट किया कि निकट भविष्य में हेल्थकेयर ट्रस्ट की सबसे बड़ी प्राथमिकता बना रहेगा।
उन्होंने कहा, 'हम चिकित्सा संकट का सामना कर रहे परिवारों का समर्थन करना जारी रखेंगे। इसके साथ ही, कैंसर देखभाल के ऐसे मॉडल को मजबूत कर रहे हैं जिससे इलाज मरीजों के घर के करीब लाया जा सके। हम देशभर में 40 से 50 गैर-लाभकारी जनरल अस्पतालों का एक नेटवर्क तैयार करने पर काम कर रहे हैं। यह मॉडल ऐसा होगा कि जो लोग इलाज का खर्च उठा सकते हैं, वे उन लोगों की मदद करेंगे जो इसका खर्च नहीं उठा सकते।'
उन्होंने भारत में विश्वस्तरीय संस्थानों के निर्माण पर जोर देते हुए आगे कहा, 'भारतीय मूल के विद्वान और पेशेवर दुनिया के बेहतरीन संस्थानों में अपनी छाप छोड़ रहे हैं। भारत को ऐसे और संस्थानों की जरूरत है जो इस प्रतिभा को तराश सकें, ताकि युवाओं को बाहर देखे बिना यहीं सीखने, खोजने और योगदान देने का अवसर मिले।'