टाटा ट्रस्ट्स का बड़ा ऐलान: देशभर में खुलेंगे 50 नॉट-फॉर-प्रॉफिट अस्पताल, नोएल टाटा ने बताया मास्टरप्लान

Tata Trusts Healthcare Plan: टाटा ट्रस्ट्स अब देश के हेल्थकेयर सेक्टर की तस्वीर बदलने जा रहा है। चेयरमैन नोएल टाटा ने 40 से 50 ऐसे नॉट-फॉर-प्रॉफिट अस्पतालों के नेटवर्क का मास्टरप्लान पेश किया है, जहां सक्षम मरीजों के जरिए गरीबों के इलाज का खर्च उठाया जाएगा। इसके साथ ही 'सर्वश्रेष्ठ बनने से पहले सबसे बड़ा बनने' की होड़ पर नोएल टाटा ने क्या चेतावनी दी? जानिए

अपडेटेड Oct 18, 2026 पर 10:40 AM
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नोएल टाटा ने कहा कि ट्रस्ट्स गंभीर बीमारी का सामना कर रहे परिवारों को सहायता देना जारी रखेगा

Tata Trusts Healthcare Plan: भारत के सबसे बड़े धर्मार्थ संगठन टाटा ट्रस्ट्स ने देश के स्वास्थ्य क्षेत्र और परोपकारी कार्यों को लेकर एक बेहद महत्वाकांक्षी योजना का खाका पेश किया है। ट्रस्ट्स अब 40 से 50 नॉट-फॉर-प्रॉफिट जनरल अस्पतालों का एक विशाल नेटवर्क तैयार करने की दिशा में काम कर रहा है।

इस अनोखे मॉडल की सबसे खास बात यह होगी कि इसमें इलाज का खर्च दे सकने वाले सशुल्क मरीजों के माध्यम से उन लोगों के इलाज को फंड किया जाएगा जो इसका खर्च उठाने में असमर्थ हैं।

पैसे खर्च करने से ज्यादा नतीजों पर रहेगा ध्यान: नोएल टाटा


टाटा ट्रस्ट्स की वार्षिक रिपोर्ट 2025-26 में चेयरमैन नोएल टाटा ने स्पष्ट किया कि समूह न केवल टिकाऊ सार्वजनिक संस्थानों का निर्माण करेगा, बल्कि उसके काम का आकलन केवल खर्च की गई राशि से नहीं, बल्कि मापने योग्य परिणामों के आधार पर किया जाएगा। वार्षिक रिपोर्ट में अपने पत्र के जरिए नोएल टाटा ने कई महत्वपूर्ण बातें साझा कीं।

उन्होंने कहा कि, अब यह पूछना काफी नहीं है कि ट्रस्ट्स ने कितना योगदान दिया है। यह साबित करना होगा कि उनके काम से क्या वास्तविक बदलाव आया है और क्या वह लंबे समय तक टिका रहेगा।

क्वालिटी पर जोर देते हुए उन्होंने कहा, 'परोपकार को केवल लाभान्वित लोगों की संख्या या खर्च की गई राशि की गिनती से आगे बढ़ना चाहिए। सर्वश्रेष्ठ बनने से पहले सबसे बड़ा बनने की कोशिश का अंजाम शायद ही कभी अच्छा होता है।'

टाटा ट्रस्ट्स ने 2026-2031 के लिए अपनी पांच वर्षीय स्वास्थ्य रणनीति की रूपरेखा तैयार की है, जिसके तहत लगभग 75 ब्लॉकों में 25 लाख लोगों को लक्षित किया जाएगा और 100 से अधिक सार्वजनिक स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत किया जाएगा।

कैंसर केयर और मेडिकल क्राइसिस में निरंतर सहायता

नोएल टाटा ने कहा कि ट्रस्ट्स गंभीर चिकित्सा संकट का सामना कर रहे परिवारों को सहायता देना जारी रखेगा। साथ ही, वितरित कैंसर देखभाल का विस्तार किया जाएगा ताकि इलाज लोगों के रहने के स्थान के अधिक करीब पहुंच सके। वित्त वर्ष 2025-26 (FY26) में कैंसर केयर कार्यक्रमों की उपलब्धियां:

  • 1,06,626 आउटपेशेंट कंसल्टेशन (OPD)
  • 24,874 कीमोथेरेपी चक्र
  • 2,879 सफल सर्जरी

देश की प्रतिभाओं को रोकने के लिए संस्थान निर्माण पर फोकस

नोएल टाटा ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि प्रतिभाशाली युवा भारतीय अक्सर उन अवसरों की तलाश में देश छोड़ देते हैं जो उन्हें अपने घर में नहीं मिलते। भारत को ऐसी प्रतिभाओं को तराशने के लिए और अधिक संस्थानों की आवश्यकता है।

टाटा ट्रस्ट्स ने अतीत में राष्ट्रीय महत्व के कई संस्थानों (जैसे- IISc, TIFR और टाटा मेमोरियल अस्पताल) को इनक्यूबेट किया है और आगे भी ऐसा करता रहेगा। इस जिम्मेदारी को साझा करने के लिए ट्रस्ट्स अन्य परोपकारी संगठनों और समान विचारधारा वाले समूहों के साथ साझेदारी भी कर सकता है।

भारतीय परोपकार में बदलाव की नई बयार

नोएल टाटा ने रतन टाटा के बाद टाटा ट्रस्ट्स के अध्यक्ष का पदभार संभाला है। उन्होंने बताया कि भारत में परोपकार का स्वरूप बदल रहा है। उद्यमियों की नई पीढ़ी सामाजिक कारणों में अधिक महत्वाकांक्षा ला रही है। ऐसे में पुराने और स्थापित संस्थानों को भी प्रभावशीलता और जवाबदेही के उच्च मानकों के साथ इसका जवाब देना होगा।

आपको बता दें कि टाटा ट्रस्ट्स सामूहिक रूप से टाटा संस में 66 प्रतिशत की हिस्सेदारी रखते हैं, जो समूह की सबसे बड़ी सूचीबद्ध कंपनियों की होल्डिंग कंपनी है।

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