कैंसर जैसी बीमारियों के लिए जीवन रक्षक दवाओं की प्राइसिंग को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने एक बार फिर सवाल उठाए हैं। कोर्ट ने कहा कि क्यों ना दवाओं पर मार्जिन 16 फीसदी पर फिक्स कर दिया जाए। हालांकि,सरकार ने इस पर जवाब देने के लिए वक्त मांगा है। सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा है कि फार्मा कंपनियों को मरीजों की कोई चिंता नहीं है। कैंसर दवा की MRP 22,437 रुपए होती है। वहीं, रिटेलर के लिए इसकी कीमत सिर्फ 3,520 रुपए होती है। यह सीधे-सीधे तबाही है। कॉरपोरेट अस्पताल उद्योग की तरह काम कर रहे हैं।
