उत्तर प्रदेश विधान परिषद की 11 सीटों के लिए हुए चुनाव के नतीजे अब पूरी तरह साफ हो चुके हैं। इस चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) और समाजवादी पार्टी (SP) के बीच सीधी टक्कर देखने को मिली। इसमें भाजपा ने 6 सीटों पर जीत दर्ज की है जबकि समाजवादी पार्टी 5 सीटों पर अपनी जीत दर्ज करने में सफल रही है। इन 11 सीटों के लिए 23 अक्टूबर को मतदान हुआ था और मंगलवार से मतों की गिनती शुरू हुई थी। आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से ठीक पहले हुए इस विधान परिषद चुनाव को दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों के बीच प्रतिष्ठा की बड़ी लड़ाई के रूप में देखा जा रहा था।
जानिए कहां से किस पार्टी और प्रत्याशी ने दर्ज की जीत
विधान परिषद की इन 11 सीटों में से 5 स्नातक और 6 शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र शामिल थे:-
भारतीय जनता पार्टी के विजेताओं की लिस्ट
आगरा स्नातक क्षेत्र: भाजपा के डॉ. मानवेंद्र प्रताप सिंह ने इस सीट पर जीत हासिल की।
बरेली-मुरादाबाद शिक्षक क्षेत्र: भाजपा प्रत्याशी डॉ. हरि सिंह ढिल्लों ने जीत दर्ज की।
लखनऊ शिक्षक क्षेत्र: भाजपा के उमेश द्विवेदी ने इस सीट पर लगातार तीसरी बार जीत हासिल कर हैट्रिक बनाई।
मेरठ-सहारनपुर शिक्षक क्षेत्र: भाजपा के श्रीचंद शर्मा ने जीत हासिल की।
मेरठ-सहारनपुर स्नातक क्षेत्र: भाजपा उम्मीदवार दिनेश कुमार गोयल ने चुनाव में बाजी मारी।
गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक क्षेत्र: भाजपा प्रत्याशी ध्रुव कुमार त्रिपाठी ने जीत दर्ज की।
समाजवादी पार्टी के विजेताओं की लिस्ट
भाजपा उम्मीदवार केदार नाथ सिंह ने स्वीकार किया जनादेश
वाराणसी स्नातक क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी केदार नाथ सिंह ने सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर कर अपनी हार स्वीकार की। उन्होंने मतदाताओं का धन्यवाद करते हुए कहा कि वे लोकतंत्र की मर्यादाओं के अनुरूप इस जनादेश को विनम्रता से स्वीकार करते हैं।केदार नाथ सिंह ने लिखा कि भले ही इस चुनाव में अपेक्षित सफलता नहीं मिल सकी लेकिन जनता का स्नेह और विश्वास हमेशा अमूल्य रहेगा। उन्होंने भाजपा नेतृत्व, सहयोगी दलों और कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे आगे भी स्नातक क्षेत्र के हित में काम करना जारी रखेंगे क्योंकि जनसेवा की प्रतिबद्धता चुनावी नतीजों पर निर्भर नहीं करती।
इन चुनावों से पहले 11 सीटों के राजनीतिक समीकरण की बात करें तो भाजपा के पास 6 सीटें (आगरा, मेरठ-सहारनपुर और लखनऊ स्नातक सीट और बरेली-मुरादाबाद, लखनऊ और मेरठ-सहारनपुर शिक्षक सीट) थीं। वहीं समाजवादी पार्टी के पास 3 सीटें (वाराणसी और इलाहाबाद-झांसी स्नातक सीट तथा वाराणसी शिक्षक सीट) थीं। बाकी बची 2 सीटों (आगरा और गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक क्षेत्र) पर निर्दलीय उम्मीदवारों का कब्जा था। इस चुनाव में सपा ने अपनी पुरानी सीटों को बचाए रखने के साथ-साथ लखनऊ स्नातक और आगरा शिक्षक सीटों पर जीत दर्ज कर अपनी सीटों की संख्या में इजाफा किया है।