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महिलाओं और बच्चों के खिलाफ ऑनलाइन अपराधों पर UP पुलिस की सख्त कार्रवाई, 24 बच्चों का किया गया रेस्क्यू

उत्तर प्रदेश पुलिस ने महिलाओं व बच्चों के खिलाफ ऑनलाइन अपराधों पर प्रभावी कार्रवाई करते हुए NCMEC व I4C के इनपुट के आधार पर साइबर स्पेस में फंसे 24 बच्चों को सुरक्षित रेस्क्यू किया है।

karanअपडेटेड Oct 28, 2026 पर 6:13 PM
महिलाओं और बच्चों के खिलाफ ऑनलाइन अपराधों पर UP पुलिस की सख्त कार्रवाई, 24 बच्चों का किया गया रेस्क्यू
UP Police cyber cell

उत्तर प्रदेश पुलिस ने साइबर स्पेस में महिलाओं और बच्चों के खिलाफ होने वाले ऑनलाइन अपराधों, यौन उत्पीड़न और शोषण के मामलों पर बेहद सख्त और प्रभावी कार्रवाई की है। उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा चलाए गए अभियान और क्विक ऑपरेशन की वजह से ऑनलाइन शोषण और उत्पीड़न के जाल में फंसे अब तक कुल 24 बच्चों का सुरक्षित रेस्क्यू किया गया है।

जानिए किस तरह अपराध को अंजाम देते हैं अपराधी

उत्तर प्रदेश पुलिस की ओर से जारी आधिकारिक प्रेस नोट के मुताबिक अपराधी अपनी पहचान छिपाकर या पड़ोस, पारिवारिक या सामाजिक संबंधों का फायदा उठाकर बच्चों का यौन शोषण करते हैं। कुछ मामलों में अपराधी बच्चों से संबंधित आपत्तिजनक फोटो और वीडियो बना लेते हैं और फिर उन्हें ब्लैकमेल कर गलत काम करने पर मजबूर करते हैं। कई बार डिजिटल माध्यमों से ऐसी चाइल्ड सेक्सुअल एक्सप्लोइटेशन एंड एब्यूज मैटेरियल (CSEAM) सामग्री तैयार कर उसे व्हाट्सएप, फेसबुक, इंस्टाग्राम, टेलीग्राम, स्नैपचैट और जीमेल जैसे ऑनलाइन सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के जरिए बेचा और प्रसारित किया जाता है। यह सामग्री बच्चों के अधिकारों और उनकी गरिमा का गंभीर उल्लंघन है और इसे वैश्विक स्तर पर सबसे गंभीर साइबर अपराधों में से एक माना जाता है। CSEAM का प्रसार बच्चों को लंबे समय तक शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक क्षति पहुंचा सकता है।

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