Uttar Pradesh: उत्तर प्रदेश अब सिर्फ देश के बाजार तक सीमित नहीं है, बल्कि यहां तैयार होने वाले सामान की पहुंच दुनिया के अलग-अलग देशों तक बढ़ रही है। बता दें कि इसकी जानकारी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को खुद दी। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश करीब 2 लाख करोड़ रुपये के सामान का निर्यात कर रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य में बनने वाले उत्पादों को इंटरनेशनल मार्केट तक पहुंचाने पर सरकार लगातार फोकस कर रही है।
UP International Trade Show 2026 में बोलते हुए सीएम योगी ने कहा की राज्य का पारंपरिक मैन्युफैक्चरिंग बेस एक बड़ी ताकत है और उनकी सरकार इसे और बढ़ावा देने के लिए काम कर रही है।
उन्होंने कहा, "UP की ताकत पारंपरिक मैन्युफैक्चरिंग है, और जब से हमारी सरकार सत्ता में आई है, हमने इसे बढ़ावा दिया है।"
आदित्यनाथ ने कहा कि राज्य सरकार केंद्र द्वारा किए गए व्यापार समझौतों का फायदा उठाकर अंतरराष्ट्रीय कंपनियों को उत्तर प्रदेश में लाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री ने FTA (मुक्त व्यापार समझौते) किए हैं, और हम अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के लिए UP से मैन्युफैक्चरिंग और सप्लाई करने का रास्ता बना रहे हैं।"
उन्होंने 'वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट' (ODOP) प्रोग्राम का भी जिक्र किया, जिसका मकसद हर जिले से जुड़े खास उत्पादों को बढ़ावा देना और स्थानीय उत्पादकों को बड़े बाजारों से जोड़ना है।
मुख्यमंत्री ने कहा, "आज 'वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट' योजना हमारे कारीगरों को दुनिया से जोड़ रही है।"
आदित्यनाथ ने बताया कि राज्य अब "एक जिला, एक व्यंजन" (One District, One Cuisine) पहल भी शुरू कर रहा है। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से प्रेरणा मिली है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में ऐतिहासिक रूप से मैन्युफैक्चरिंग और कारीगरी की बड़ी क्षमता रही है, लेकिन इसे बड़े स्तर पर ले जाने के लिए जरूरी इकोसिस्टम और प्लेटफॉर्म की कमी थी।
उन्होंने आगे कहा, "यूपी में क्षमता की कभी कोई कमी नहीं रही, बस उस क्षमता को पहचानने की जरूरत थी। इसे सही इकोसिस्टम और बड़े पैमाने पर काम करने का मौका देने की जरूरत थी।"
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि इन नई पहलों का मकसद राज्य के पारंपरिक प्रोडक्शन बेस को ग्लोबल मार्केट से जोड़कर उसकी आर्थिक पहचान को मजबूत करना है।