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UP Voter List Row: यूपी के वोटर लिस्ट में 'राम ने यादव को मारा' और पिता का नाम 'मूर्ख चंद्र यादव'! CEO ने दिए जांच और सुधार के निर्देश

UP voter list Row: उत्तर प्रदेश की वोटर लिस्ट में कुछ ऐसे नाम सामने आए हैं, जिन्हें देखकर लोग हैरान भी हैं और सवाल भी उठा रहे हैं। 'राम ने यादव को मारा', 'मूर्खचंद यादव' और 'मोहम्मद पागल रेहान' जैसे नाम आगामी यूपी विधान परिषद चुनाव की मतदाता सूची में दर्ज होने का दावा किया गया है। इन अजीबोगरीब नामों के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर चर्चा तेज हो गई है

Akhilesh Nath Tripathiअपडेटेड Oct 23, 2026 पर 11:35 AM
UP Voter List Row: यूपी के वोटर लिस्ट में 'राम ने यादव को मारा' और पिता का नाम 'मूर्ख चंद्र यादव'! CEO ने दिए जांच और सुधार के निर्देश
UP voter list Row: मतदाताओं के रिकॉर्ड में पिता के नाम के तौर पर 'बीकॉम', और 'राम ने शर्मा को मारा' जैसी अजीबो-गरीब नाम भी सामने आई हैं

UP voter list Row: उत्तर प्रदेश की वोटर लिस्ट में कुछ ऐसी एंट्री सामने आई हैं, जिन्हें देखकर लोग हैरान हैं। कहीं मतदाता का नाम 'राम ने यादव को मारा' दर्ज है, तो कहीं पिता के नाम की जगह 'मूर्ख चंद्र यादव' लिखा हुआ है। इतना ही नहीं, दो अन्य मतदाताओं के रिकॉर्ड में पिता के नाम के तौर पर 'बीकॉम', 'मोहम्मद पागल रेहान' और 'राम ने शर्मा को मारा' जैसी अजीबो-गरीब नाम भी सामने आई हैं। ये मामले उत्तर प्रदेश विधान परिषद की इलाहाबाद-झांसी ग्रेजुएट निर्वाचन क्षेत्र की वोटर लिस्ट से जुड़े हैं। इन नामों के सामने आने के बाद वोटर लिस्ट तैयार करने की प्रक्रिया और रिकॉर्ड के सत्यापन पर सवाल उठने लगे हैं।

उत्तर प्रदेश विधान परिषद (Legislative Council) चुनावों के लिए तैयार की गई नई मतदाता सूचियों में अजीबो-गरीब तकनीकी त्रुटियां सामने आई हैं, जिसने प्रशासनिक व्यवस्था और डेटा वेरिफिकेशन पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। इलाहाबाद-झांसी Graduates' Constituency की मतदाता सूची में ऐसे नाम दर्ज मिले हैं, जिनका शाब्दिक अर्थ बेहद आपत्तिजनक और हास्यास्पद है।

चुनाव आयोग की सफाई

विवाद बढ़ने के बाद उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने गुरुवार (22 अक्टूबर) को इस मामले में सफाई दी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में रजिस्टर्ड 14.8 लाख मतदाताओं में से 150 से कम लोगों के नाम या उनके परिजनों के डिटेल्स में गलत प्रिंटिंग की शिकायतें सामने आई हैं। यह कुल मतदाताओं का 0.01 फीसदी से भी कम है। उन्होंने नई ऑनलाइन व्यवस्था का बचाव करते हुए कहा कि इस बार ग्रेजुएट और टीचर्स निर्वाचन क्षेत्रों की वोटर लिस्ट तैयार करने की पूरी प्रक्रिया डिजिटल माध्यम से पूरी की गई है।

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