अमेरिका के मध्यावधि चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी ने प्रतिनिधि सभा और सीनेट दोनों सदनों में बहुमत हासिल कर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को बड़ा राजनीतिक झटका दिया है। ट्रंप के दूसरे कार्यकाल के बीच आए इन नतीजों से अमेरिकी राजनीति में शक्ति संतुलन बदल गया है। अब संसद के दोनों सदनों में डेमोक्रेट्स की मजबूत मौजूदगी होगी जबकि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप बने रहेंगे। इस चुनावी नतीजे का असर सिर्फ अमेरिका की घरेलू राजनीति तक सीमित नहीं रहेगा। भारत के लिए भी इसके कई मायने हैं। पिछले कुछ महीनों में भारत और अमेरिका के रिश्तों में व्यापार शुल्क, रूस से तेल खरीद, एच-1बी वीजा, पाकिस्तान के साथ अमेरिकी संबंधों और भारत-पाकिस्तान संघर्षविराम को लेकर ट्रंप के बयानों के कारण तनाव देखने को मिला है।
