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US Midterm Election Impact: अमेरिका में डेमोक्रेट्स की जीत से भारत को फायदा मिलेगा या बढ़ सकती हैं मुश्किलें?

अमेरिकी मध्यावधि चुनाव में डेमोक्रेट्स की जीत से भारत-अमेरिका संबंधों पर क्या असर होगा? जानिए व्यापार शुल्क, H-1B वीजा, रूस से तेल खरीद, शेयर बाजार और रक्षा सहयोग का पूरा विश्लेषण।

karanअपडेटेड Nov 04, 2026 पर 8:10 PM
US Midterm Election Impact: अमेरिका में डेमोक्रेट्स की जीत से भारत को फायदा मिलेगा या बढ़ सकती हैं मुश्किलें?
US Midterm Election

अमेरिका के मध्यावधि चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी ने प्रतिनिधि सभा और सीनेट दोनों सदनों में बहुमत हासिल कर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को बड़ा राजनीतिक झटका दिया है। ट्रंप के दूसरे कार्यकाल के बीच आए इन नतीजों से अमेरिकी राजनीति में शक्ति संतुलन बदल गया है। अब संसद के दोनों सदनों में डेमोक्रेट्स की मजबूत मौजूदगी होगी जबकि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप बने रहेंगे। इस चुनावी नतीजे का असर सिर्फ अमेरिका की घरेलू राजनीति तक सीमित नहीं रहेगा। भारत के लिए भी इसके कई मायने हैं। पिछले कुछ महीनों में भारत और अमेरिका के रिश्तों में व्यापार शुल्क, रूस से तेल खरीद, एच-1बी वीजा, पाकिस्तान के साथ अमेरिकी संबंधों और भारत-पाकिस्तान संघर्षविराम को लेकर ट्रंप के बयानों के कारण तनाव देखने को मिला है।

ऐसे में सवाल है कि क्या कांग्रेस के दोनों सदनों में डेमोक्रेट्स के बहुमत से भारत को ट्रंप प्रशासन के साथ बातचीत में कुछ राहत मिलेगी? क्या भारतीय सामान पर अमेरिकी शुल्क घट सकते हैं? क्या भारतीय आईटी पेशेवरों को एच-1बी वीजा के मामले में राहत मिल सकती है? और क्या रूस से तेल खरीदने को लेकर भारत पर अमेरिकी दबाव बढ़ेगा?

हमारी सहयोगी वेबसाइट फर्स्टपोस्ट ने अपने एक्सप्लेनर में विशेषज्ञों के आकलन के मुताबिक बताया है कि डेमोक्रेट्स की जीत से भारत को बातचीत के लिए कुछ अतिरिक्त मौके मिल सकते हैं लेकिन इससे ट्रंप प्रशासन की नीतियां तुरंत बदल जाएंगी, ऐसा मानना सही नहीं होगा। इसकी वजह यह है कि व्यापार शुल्क और वीजा से जुड़े कई अहम फैसलों में राष्ट्रपति के पास अब भी व्यापक कार्यकारी अधिकार हैं। आपको बता दें कि नई अमेरिकी कांग्रेस जनवरी 2027 में कामकाज संभालेगी।

भारत के लिए क्यों अहम हैं अमेरिकी मध्यावधि चुनाव?

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