UP Weather Alert: बंगाल की खाड़ी से बना साइक्लोनिक सिस्टम ‘अर्नब’ की वजह से इस समय देश के कई राज्यों में भारी बारिश हो रही है। लगातार हो रही बारिश की वजह से लोगों को काफी दिक्कतों का भी सामना करना पड़ रहा है। ये सिस्टम 24 सितंबर को आंध्र प्रदेश के कलिंगपट्टनम के पास पहुंचा और इसके बाद धीरे-धीरे देश के अंदरूनी हिस्सों की ओर बढ़ गया। इसके असर से कई राज्यों में भारी बारिश हुई और कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए। पिछले कुछ दिनों से बिहार, उत्तर प्रदेश, ओडिशा, झारखंड और पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों में हो रही तेज बारिश की वजह साइक्लोनिक सिस्टम ‘अर्नब’ को बताया जा रहा है।
लगातार हो रही तेज बारिश की वजह से पूर्वी और मध्य भारत के लोगों की कई इलाकों में मुश्किलें बढ़ा दी हैं। बीते 48 घंटों में बारिश और बाढ़ से 60 से ज्यादा लोगों की जान गई है, जबकि बड़ी संख्या में घर, फसलें और दूसरी संपत्तियां प्रभावित हुई हैं। कई जगहों पर पानी भरने के बाद लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।
यूपी में हो रही तेज बारिश
उत्तर प्रदेश में लगातार हो रही बारिश की वजह से हालात गंभीर बने हुए हैं। पिछले 72 घंटों में भारी बारिश के कारण बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए। वहीं बारिश से जुड़ी घटनाओं में कम से कम 57 लोगों की मौत की खबर है। यूपी के ज्यादातर जिलों में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई है। लगातार बारिश के कारण गांवों में खेतों को नुकसान पहुंचा है और कई जगहों पर जलभराव की स्थिति बन गई। शनिवार को उन्नाव में बशीरतगंज टोल प्लाजा के पास गंगा एक्सप्रेसवे पर भी पानी भर गया। इसके चलते सड़क पर वाहनों की रफ्तार धीमी हुई और जाम की स्थिति बन गई। वहीं आने वाले दिनों में भी भारी बारिश हो सकती है।
लगातार हो रही बारिश को देखते हुए उत्तर प्रदेश के कई प्रभावित जिलों में 12वीं तक के स्कूलों को बंद रखने का फैसला लिया गया है। राजधानी लखनऊ समेत कई इलाकों में पिछले 24 घंटे से तेज बारिश हो रही है, जिससे लोगों की परेशानी बढ़ गई है। हालात का जायजा लेने के लिए राहत आयुक्त यशोद ने रेड और ऑरेंज अलर्ट वाले जिलों के जिलाधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस की और बारिश से निपटने की तैयारियों की समीक्षा की। अधिकारियों को किसी भी आपात स्थिति में तुरंत मदद पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं।
आंकड़ों के मुताबिक, 25 से 27 सितंबर के बीच उत्तर प्रदेश में 111.3 मिलीमीटर बारिश हुई, जबकि इस दौरान सामान्य तौर पर सिर्फ 9.4 मिलीमीटर बारिश होती है। यानी इस बार बारिश सामान्य से करीब 1,084 फीसदी ज्यादा रही।