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सोलर रूफटॉप लगाने में देश में नंबर-1 बना उत्तर प्रदेश, 9 लाख से अधिक घरों को मिली फ्री बिजली

प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत उत्तर प्रदेश में 9 लाख से अधिक घरों में रूफटॉप सोलर प्लांट लगाए गए हैं। जानिए 3,000 मेगावाट क्षमता, सब्सिडी और रोजगार से जुड़ी पूरी जानकारी।

Manushri Bajpaiअपडेटेड Nov 05, 2026 पर 9:40 AM
सोलर रूफटॉप लगाने में देश में नंबर-1 बना उत्तर प्रदेश, 9 लाख से अधिक घरों को मिली फ्री बिजली
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य सरकार केंद्र की प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के साथ मिलकर अधिक से अधिक परिवारों को सौर ऊर्जा से जोड़ने का प्रयास कर रही है। इसका उद्देश्य घरों के बिजली बिल का बोझ कम करना, स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देना और ऊर्जा के मामले में राज्य को आत्मनिर्भर बनाना है।

उत्तर प्रदेश में घरों की छतें अब बिजली उत्पादन का नया ठिकाना बन रही हैं। प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत राज्य में 9 लाख से अधिक घरों में रूफटॉप सोलर प्लांट लगाए जा चुके हैं। इस उपलब्धि के साथ उत्तर प्रदेश घरेलू रूफटॉप सोलर इंस्टॉलेशन के मामले में देश में पहले स्थान पर पहुंच गया है। पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक इन सोलर प्लांट से राज्य में 3000 मेगावाट से अधिक बिजली उत्पादन क्षमता जुड़ी है। इससे हर दिन करीब 1.35 करोड़ यूनिट बिजली पैदा करने की क्षमता विकसित हुई है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य सरकार केंद्र की प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के साथ मिलकर अधिक से अधिक परिवारों को सौर ऊर्जा से जोड़ने का प्रयास कर रही है। इसका उद्देश्य घरों के बिजली बिल का बोझ कम करना, स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देना और ऊर्जा के मामले में राज्य को आत्मनिर्भर बनाना है। राज्य सरकार पात्र परिवारों को रूफटॉप सोलर प्लांट लगवाने के लिए अधिकतम 1.08 लाख रुपये तक की सब्सिडी दे रही है। इस पहल से न सिर्फ घरेलू बिजली उपभोक्ताओं को लाभ मिलने की उम्मीद है बल्कि सोलर पैनल लगाने, उनकी आपूर्ति, परिवहन और रखरखाव से जुड़े रोजगार के अवसर भी बढ़ रहे हैं।

9 लाख से अधिक घरों में लगे सोलर प्लांट, 3000 मेगावाट से ज्यादा क्षमता

उत्तर प्रदेश में प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत अब तक 9 लाख से अधिक रूफटॉप सोलर प्लांट स्थापित किए जा चुके हैं। इन इंस्टॉलेशन से राज्य में 3000 मेगावाट से अधिक सौर ऊर्जा उत्पादन क्षमता जुड़ गई है। इस क्षमता के आधार पर इन संयंत्रों से रोजाना लगभग 1.35 करोड़ यूनिट बिजली पैदा करने की संभावना है। यानी घरों की छतों पर लगाए गए सोलर पैनल अब राज्य की बिजली व्यवस्था में भी योगदान दे रहे हैं। रूफटॉप सोलर की खासियत यह है कि बिजली का उत्पादन उपभोक्ता के घर की छत पर ही होता है। इससे घरों को अपनी बिजली की जरूरत का एक हिस्सा सौर ऊर्जा से पूरा करने का अवसर मिलता है। बिजली की खपत और सोलर प्लांट से होने वाले उत्पादन के आधार पर उपभोक्ता के बिजली बिल में बचत हो सकती है।

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