लोकल 18 के रिपोर्टर राजीव के मुताबिक, उत्तर प्रदेश के अलग-अलग शहरों में घर और प्रॉपर्टी से जुड़े काम लगातार बढ़ रहे हैं। इसी बीच कई नए रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स को मंजूरी मिलने से आगे का काम आसान हो गया है। इन प्रोजेक्ट्स में लोगों के रहने के साथ-साथ कारोबार और दूसरी जरूरतों की सुविधाएं भी हैं।
लखनऊ में सबसे ज्यादा प्रोजेक्ट
लखनऊ में सबसे ज्यादा चार प्रोजेक्ट्स को मंजूरी मिली है। इनमें दो रेजिडेंशियल, एक कमर्शियल और एक मिक्स्ड-यूज प्रोजेक्ट शामिल है। इन सभी में करीब 609.35 करोड़ रुपये का इन्वेस्टमेंट प्रस्तावित है और कुल 1,972 यूनिट्स तैयार की जाएंगी।
गाजियाबाद में तीन रेजिडेंशियल प्रोजेक्ट्स को मंजूरी मिली है। इन पर करीब 605.06 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है और 574 यूनिट्स शामिल होंगी। हापुड़ में दो रेजिडेंशियल प्रोजेक्ट्स को मंजूरी मिली है, जिनमें करीब 123.45 करोड़ रुपये का इन्वेस्टमेंट और 192 यूनिट्स प्रस्तावित हैं।
तीन शहरों में एक-एक प्रोजेक्ट
कानपुर, अयोध्या और प्रयागराज में भी एक-एक प्रोजेक्ट को मंजूरी मिली है। कानपुर में करीब 201.72 करोड़ रुपये के इन्वेस्टमेंट से 158 यूनिट्स तैयार होंगी। अयोध्या के प्रोजेक्ट में 72.61 करोड़ रुपये के इन्वेस्टमेंट से 85 यूनिट्स बनाई जाएंगी। वहीं प्रयागराज के प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत 51.66 करोड़ रुपये है और इसमें 109 यूनिट्स होंगी।
इन प्रोजेक्ट्स में क्या शामिल है?
प्रोजेक्ट्स में अलग तरह के डेवलपमेंट शामिल हैं। कुछ जगहों पर रेजिडेंशियल प्रोजेक्ट होंगे और कुछ में कमर्शियल और मिक्स्ड-यूज डेवलपमेंट भी किया जाएगा। यानी इनका इस्तेमाल रहने के साथ कारोबार और दूसरी सुविधाओं के लिए भी किया जा सकेगा।
इन मंजूरियों से अलग-अलग शहरों में प्रॉपर्टी के नए काम शुरू हो सकेंगे। इससे लोगों को घर और दूसरी प्रॉपर्टी के नए ऑप्शन मिल सकते हैं। प्रोजेक्ट्स का काम शुरू होने के बाद इसका असर दिखाई दे सकता है।