नई दिल्ली और वाराणसी के बीच सफर करने वाले यात्रियों के लिए अच्छी खबर है। भारतीय रेलव इस रूट पर जल्द ही स्लीपर वंदे भारत एक्सप्रेस चलाने की योजना बना रहा है। देश की दूसरी वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का ट्रायल अक्टूबर में किया जा सकता है। ट्रायल के बाद इसको दिवाली 2026 के आसपास नियमित चलाया जा सकता है। वहीं स्लीपर वंदे भारत एक्सप्रेस के चलन से यात्रियों के समय की बचत होगी। इस ट्रेन को रात में चलाए जाने की योजाना बनाई गई है।
दिल्ली और वाराणसी के बीच प्रस्तावित स्लीपर वंदे भारत शुरू होने के बाद यह देश की दूसरी ऐसी ट्रेन हो सकती है। इससे पहले हावड़ा-कामाख्या रूट पर स्लीपर वंदे भारत सेवा शुरू की गई है। वहीं इस ट्रेन के रूट और स्टॉपेज को लेकर रेलवे की ओर से अभी आधिकारिक जानकारी जारी नहीं की गई है
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, नई स्लीपर वंदे भारत रात के समय वाराणसी से दिल्ली के लिए रवाना हो सकती है। प्रस्तावित टाइमिंग के मुताबिक ट्रेन वाराणसी कैंट से रात करीब 9:20 से 9:30 बजे के बीच चलेगी और सुबह लगभग 5 बजे नई दिल्ली पहुंचेगी। सफर के दौरान ट्रेन प्रयागराज जंक्शन और कानपुर सेंट्रल पर भी रुकेगी। प्रयागराज में रात करीब 10:45 बजे और कानपुर में सुबह लगभग 12:35 बजे ठहराव होने की संभावना है।
दिल्ली से वापसी के दौरान भी ये ट्रेन रातभर चलाई जा सकती है। प्रस्तावित समय के अनुसार स्लीपर वंदे भारत नई दिल्ली से रात करीब 9:20 से 10 बजे के बीच रवाना होकर अगले दिन सुबह लगभग 5 बजे वाराणसी पहुंच सकती है। वहीं ट्रायल रन और रेलवे की तैयारियों के बाद ट्रेन के चलने और पहुंचने का समय बदला जा सकता है।
प्रस्तावित स्लीपर वंदे भारत से दिल्ली, प्रयागराज और वाराणसी के बीच रात के समय सफर करने वाले यात्रियों को फायदा मिलने की उम्मीद है। योजना के तहत ट्रेन वाराणसी कैंट से चलकर प्रयागराज जंक्शन और कानपुर सेंट्रल होते हुए नई दिल्ली पहुंचेगी। इन प्रमुख स्टेशनों पर ठहराव से यात्रियों को रात में भी इन शहरों के बीच आने-जाने का विकल्प मिल सकेगा। वहीं ट्रेन के अंतिम रूट और स्टॉपेज को लेकर रेलवे की ओर से अभी आधिकारिक जानकारी जारी नहीं की गई है।
ट्रेन में होंगे कुल 16 कोच
प्रस्तावित स्लीपर वंदे भारत में यात्रियों के लिए अलग-अलग श्रेणी की सुविधाएं उपलब्ध होने की उम्मीद है। ट्रेन में कुल 16 कोच हो सकते हैं, जिनमें 11 एसी 3-टियर, 4 एसी 2-टियर और 1 फर्स्ट एसी कोच शामिल रहने की संभावना है। इस ट्रेन में एक बार में करीब 823 यात्री सफर कर सकेंगे।
नई दिल्ली-वाराणसी स्लीपर वंदे भारत की रफ्तार ट्रैक और रेल इंफ्रास्ट्रक्चर की स्थिति के हिसाब से करीब 130 से 160 किमी प्रति घंटे तक रहने की उम्मीद है। रेलवे के मिशन रफ्तार के तहत किए जा रहे सुधारों से इस रूट पर ट्रेन की गति बढ़ाने में मदद मिल सकती है। यात्रा का समय तय टाइमटेबल, स्पीड लिमिट और अन्य परिचालन स्थितियों पर निर्भर करेगा। फिलहाल करीब 7 से 8 घंटे के रात के सफर का अनुमान लगाया जा रहा है, लेकिन ट्रेन का अंतिम समय अभी तय नहीं हुआ है।
दिल्ली-वाराणसी के बीच प्रस्तावित स्लीपर वंदे भारत को लेकर रेलवे की तैयारियां जारी हैं। इस ट्रेन का परीक्षण अक्टूबर 2026 में किया जा सकता है और दिवाली के आसपास इसे नियमित सेवा में लाने की तैयारी है। ट्रेन के रखरखाव की जिम्मेदारी नॉर्दर्न रेलवे को मिलने की संभावना है। सेवा शुरू होने पर दिल्ली से वाराणसी और प्रयागराज जाने वाले यात्रियों को रात में सफर करने का एक नया और आरामदायक विकल्प मिलेगा। हालांकि, ट्रेन का नंबर, किराया और अंतिम टाइमटेबल अभी रेलवे की ओर से तय नहीं किया गया है।