वाराणसी: काशीवासियों के लिए अच्छी खबर है। लंबे समय से फाइलों में अटका वाराणसी का नया इंटरस्टेट बस टर्मिनल (ISBT) अब जमीन पर उतरने वाला है। योगी सरकार ने चांदपुर में हाईटेक ISBT बनाने का प्रस्ताव तैयार कर लिया है। ये बस अड्डा किसी एयरपोर्ट से कम नहीं होगा, और इसके बनने के बाद वाराणसी में जाम की बड़ी समस्या भी खत्म हो जाएगी।
कहां और कितनी जमीन पर बनेगा?
ये नया बस टर्मिनल शहर से सटे चांदपुर इलाके में बनेगा। इसके लिए कृषि अनुसंधान केंद्र की 9 एकड़ जमीन चिन्हित की गई है। परिवहन विभाग ने जमीन हस्तांतरण का प्रस्ताव शासन को भेज दिया है। कैबिनेट से मंजूरी मिलते ही जमीन का ट्रांसफर और DPR बनाने का काम शुरू हो जाएगा। क्षेत्रीय प्रबंधक परशुराम पांडेय ने बताया कि प्रस्ताव भेजा जा चुका है, मंजूरी मिलते ही लागत का आंकलन होगा।
Airport जैसी होंगी 7 बड़ी सुविधाएं
इस ISBT को एयरपोर्ट की तर्ज पर बनाया जाएगा। इसकी डिजाइन काशी की कला-संस्कृति को ध्यान में रखकर होगी।
1. AC Waiting Lounge: यात्रियों के लिए आरामदायक सीटों वाला वेटिंग एरिया।
2. Food Plaza: फूड कोर्ट और रेस्टोरेंट की सुविधा।
3. Hi-Tech Display: एयरपोर्ट की तरह बड़ी LED स्क्रीन पर बसों के आने-जाने का live status।
4. PA System: बसों की जानकारी के लिए अनाउंसमेंट सिस्टम।
5. EV Charging Station: इलेक्ट्रिक बसों के लिए चार्जिंग स्टेशन, जिससे ई-बसों का संचालन होगा।
6. Parking & Toilet: बड़ी पार्किंग और साफ-सुथरे शौचालय।
7. Ticket Counters: एक ही जगह पर सभी राज्यों के टिकट काउंटर।
जाम से मिलेगी मुक्ति, सीधा NH से कनेक्शन
इस नए टर्मिनल की सबसे बड़ी खासियत इसकी लोकेशन है। इसकी सीधी कनेक्टिविटी नेशनल हाईवे से होगी। इसका मतलब है कि दिल्ली, बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश से आने वाली बसों को शहर के अंदर कैंट, लहरतारा और चौकाघाट तक नहीं आना पड़ेगा। बसें हाईवे से सीधे ISBT में आएंगी और वहीं से रवाना होंगी। इससे शहर के इन 3 सबसे व्यस्त रूटों पर ट्रैफिक का दबाव 40% तक कम होने की उम्मीद है। अब वाराणसी के यात्रियों को दूसरे राज्यों के लिए सीधी बस पकड़ने के लिए भटकना नहीं पड़ेगा, और बाहर से आने वाले यात्रियों को जाम में भी नहीं फंसना होगा। वाराणसी से अभिषेक जायसवाल की रिपोर्ट