वाटर स्पोर्ट्स या वाटर एडवेंचर का नाम आते ही गोवा, केरल या दूसरे पर्यटन स्थलों का ख्याल आता है। लेकिन जल्द इसके लिए आपको दूर नहीं जाना पड़ेगा। बिहार में आप वाटर स्पोर्ट्स का आनंद उठा सकेंगे। राज्य के बड़े जलाशयों में वाटर स्पोर्ट्स को बढ़ावा देने का प्लान है। इसके लिए बांका, जमुई, मुंगेर, लखीसराय और रोहतास के कई जलाशयों की पहचान की जा चुकी है। पटना में गंगा नदी में पहले से ही बोटिंग और वाटर स्पोर्ट्स जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं।
बिहार के पांच जिलों में वाटर स्पोर्ट्स शुरू करने की तैयारी
बिहार में पर्यटन को नया आयाम देने के उद्देश्य से नौ बड़े जलाशयों और एक बराज क्षेत्र में वाटर स्पोर्ट्स गतिविधियों की संभावनाएं तलाशी गई हैं। पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग ने इन जलाशयों के इस्तेमाल के लिए जल संसाधन विभाग से अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) मांगा था। जल संसाधन विभाग ने निर्धारित शर्तों के साथ एनओसी दे दिया है। इससे इन स्थानों पर वाटर स्पोर्ट्स शुरू करने का रास्ता खुल गया है। अब दूसरे विभागों से मंजूरी हासिल करने की प्रक्रिया चल रही है।
वाटर स्पोर्ट्स के लिए इन जलाशयों की पहचान की गई है
बांका के बदुआ और ओढ़नी जलाशयों को वाटर स्पोर्ट्स के लिए बेस्ट माना गया है। इससे बांका में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। जमुई में तीन जलाशयों को चिह्नित किया गया है। गड़ही, अपर किऊल और नागी-नकटी जलाशय आने वाले समय में वाटर स्पोर्ट्स के नए केंद्र बन सकते हैं। मुंगेर के खड़गपुर और आंजन-कुकुरझप जलाशयों को भी इस योजना में शामिल किया गया है। लखीसराय के मोरवे जलाशय को भी वाटर स्पोर्ट्स के लिए चिह्नित किया गया है। रोहतास जिले के इंद्रपुरी बराज क्षेत्र को भी वाटर स्पोर्ट्स गतिविधियों के लिए बेस्ट माना गया है।
पटना में पहले से उपलब्ध है गंगा में बोटिंग सुविधा
बिहार में वाटर स्पोर्ट्स की संभावनाएं केवल इन पांच जिलों तक सीमित नहीं हैं। पटना में गंगा नदी के दीघा घाट और गांधी घाट जैसे स्थानों पर बोटिंग तथा नौका विहार के ऑप्शन उपलब्ध हैं। इसके अलावा राजगीर की घोड़ा कटोरा झील और पांडु पोखर में भी बोटिंग जैसी गतिविधियों का अनुभव लिया जा सकता है। रोहतास के करमचट डैम में भी विकल्प मौजूद हैं।
सिर्फ पर्यटन नहीं, राज्य में नए रोजगार के भी खुलेंगे रास्ते
बिहार के जलाशयों में वाटर स्पोर्ट्स को बढ़ावा मिलने से राज्य में पर्यटन को नई गति मिल सकती है। स्थानीय स्तर पर बोटिंग संचालन, पर्यटक सुविधाओं, खानपान, परिवहन और अन्य सेवाओं से जुड़े रोजगार के अवसर पैदा हो सकते हैं। इसके साथ ही आसपास के छोटे व्यवसायों को भी फायदा मिलने की संभावना है।
(पटना से सच्चिदानंद की रिपोर्ट)