Weather Forecast October 22: देश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज एक बार फिर आक्रामक हो गया है। दक्षिण भारत से लेकर अंडमान सागर तक फैली अलग अलग मौसमी प्रणालियों और चक्रवाती परिसंचरण के असर से बारिश और आंधी-तूफान का दौर लगातार जारी है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा जारी ताजा और विस्तृत मौसम बुलेटिन के मुताबिक गुरुवार 22 अक्टूबर को देश के करीब 8 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मौसम का असर काफी प्रभावी रहने वाला है। मौसम विभाग ने केरल और तमिलनाडु के कई इलाकों में मूसलाधार से लेकर बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।
आइए विस्तार से जानते हैं कि कल 22 अक्टूबर को देश के अलग अलग राज्यों में मौसम का हाल कैसा रहेगा।
केरल और तमिलनाडु में भारी से बहुत भारी बारिश का तांडव
दक्षिण प्रायद्वीप में सक्रिय मानसूनी हलचलों और बंगाल की खाड़ी के निम्न दबाव प्रणालियों के चलते दक्षिणी राज्यों में बादलों का डेरा और भारी बारिश का सिलसिला बना हुआ है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक 22 अक्टूबर को केरल व माहे और तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल के अलग-अलग हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की पूरी संभावना है। इन दोनों राज्यों के कई जिलों के लिए प्रशासन और मौसम विभाग ने विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है।
इसके अलावा अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, लक्षद्वीप और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक के अलग अलग जिलों में भी भारी बारिश होने की पूरी संभावना है। मौसम विभाग के मुताबिक इस दौरान तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल के कुछ इलाकों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तेज झोंकेदार हवाएं चलेंगी और गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली कड़केगी।
इन राज्यों में आंधी-तूफान और वज्रपात का अलर्ट
दक्षिण भारत के अलावा देश के दूसरे हिस्सों में भी मौसमी हलचल की वजह से आंधी और बिजली गिरने की घटनाएं सामने आएंगी। अंडमान-निकोबार द्वीप समूह, आंध्र प्रदेश, आंतरिक कर्नाटक, केरल व माहे, लक्षद्वीप, तेलंगाना और पश्चिमी मध्य प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और बादलों की गरज के साथ आकाशीय बिजली चमकने की गतिविधियां दर्ज की जाएंगी।
इसके साथ ही तटीय कर्नाटक के विभिन्न अंदरूनी और तटीय इलाकों में कल गरज-चमक के साथ तेज आकाशीय बिजली गिरने की आशंका जताई गई है। आंध्र प्रदेश के कुछ मैदानी और तटीय हिस्सों में दिन भर तेज सतही हवाएं चलती रहेंगी।
कोंकण-गोवा में उमस और तटीय क्षेत्रों में स्क्वॉली वेदर की चेतावनी
एक तरफ जहां दक्षिण और मध्य भारत के कई राज्य बारिश और आंधी की चपेट में हैं, वहीं पश्चिम भारत के कोंकण और गोवा के अलग-अलग हिस्सों में मौसम उमस भरा बना रह सकता है। समुद्री क्षेत्रों में लगातार बन रही हलचल को देखते हुए मछुआरों और नौका चालकों के लिए भी चेतावनी जारी की गई है। केरल तट के पास और लक्षद्वीप क्षेत्र में स्क्वॉली वेदर के सक्रिय रहने की वजह से वहां 35 से 45 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से लेकर 55 किमी/घंटे तक के तेज हवा के झोंके चलने की संभावना है। इसे ध्यान में रखते हुए संबंधित समुद्री इलाकों में न जाने की सलाह दी गई है।