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नीली आंखें, सफेद रंग और गहरी धारियां... देहरादून जू में आया खास मेहमान तेजस!

नीली आंखों वाला दुर्लभ सफेद बाघ तेजस ग्वालियर से करीब 550 किलोमीटर का सफर तय कर देहरादून चिड़ियाघर पहुंचा है। यहां पहुंचते ही तेजस ने अपने नए ठिकाने को देखना-परखना शुरू कर दिया।

Roopali Sharmaअपडेटेड Sep 30, 2026 पर 1:02 PM
नीली आंखें, सफेद रंग और गहरी धारियां... देहरादून जू में आया खास मेहमान तेजस!
550 किलोमीटर का सफर कर देहरादून जा पहुंचा सफेद बाग तेजस, अब 20 दिन रहेगा क्वारंटीन

देहरादून जू में इन दिनों दुर्लभ सफेद बाघ लाया गया है। ढाई साल का (छोटा शावक) तेजस ग्वालियर से लंबा सफर तय करके यहां पहुंचा है। तेजस को एनिमल एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत देहरादून लाया गया है। इसके बदले करीब पांच साल के रॉयल बंगाल टाइगर भोला को ग्वालियर जूलॉजिकल पार्क भेजा गया। तेजस ने ग्वालियर से देहरादून तक करीब 550 किलोमीटर का सफर तय किया। उसके साथ 13 सदस्यों की एक खास पशु चिकित्सा टीम भी मौजूद थी।

नए बाडे में पहुंचते ही एक्टिव हुआ तेजस

देहरादून पहुंचते ही तेजस ने अपने नए बाडे को देखना और समझना शुरू कर दिया। उसने आसपास की जगह देखी, हवा सूंघी और बाडे के किनारे घूमता रहा। क्वारंटीन पूरा होने के बाद टूरिस्ट को तेजस के साथ आम रंग वाले रॉयल बंगाल टाइगर को भी अलग-अलग बाडों में देखने का मौका मिल सकता है। इससे लोग बाघों के अलग-अलग कलर और नेचुरल डाइवर्सिटी को पास से देख सकेंगे।

नीली आंखों की वजह से दिखता है खास

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