1 अक्टूबर को जारी Pew Research Center की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में युवा लोग सोशल मीडिया को डेमोक्रेसी के लिए ज्यादा अच्छा मानते हैं। सर्वे में शामिल सभी भारतीय वयस्कों में 66% ने सोशल मीडिया को डेमोक्रेसी के लिए अच्छी चीज बताया। वहीं 23% लोगों ने इसे बुरा बताया। 37 देशों के सर्वे में इसका मीडियन 55% पॉजिटिव और 35% नेगेटिव रहा।
उम्र बढ़ने के साथ बदली सोच
• 18 से 34 साल: 74% लोगों ने सोशल मीडिया को डेमोक्रेसी के लिए अच्छा माना।
• 50 साल से ज्यादा: 50% लोगों ने इसे अच्छा बताया।
• उम्र का अंतर: युवा और बुजुर्गों की राय में 24 प्रतिशत अंकों का अंतर रहा।
गलत जानकारी और राजनीतिक बंटवारे की चिंता
सोशल मीडिया और इंटरनेट के असर को लेकर लोगों की चिंताएं भी सामने आईं। भारत में 62% लोगों ने कहा कि इंटरनेट और सोशल मीडिया की वजह से गलत जानकारी और अफवाहों से लोगों को गुमराह करना आसान हुआ है। वहीं 51% ने माना कि इससे राजनीतिक राय में बंटवारा बढ़ा है।
इसके साथ ही 66% भारतीयों ने कहा कि इन मीडियम से लोग करंट इवेंट्स के बारे में ज्यादा जानकारी रखने लगे हैं। 55% लोगों का मानना था कि इससे लोगों को राजनीति में अपनी बात रखने का ज्यादा मौका मिला है। इन दोनों सवालों में इंटरनेट और सोशल मीडिया दोनों को शामिल किया गया था।
भारत में इन सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का जलवा
Pew के सर्वे में भारतीय वयस्कों से कुछ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के इस्तेमाल को लेकर भी सवाल किए गए। 43% लोगों ने Facebook, 38% ने Instagram, 18% ने Snapchat और 7% ने X इस्तेमाल करने की बात कही। इस सर्वे में WhatsApp और YouTube को शामिल नहीं किया गया था, इसलिए ये आंकड़े सभी सोशल मीडिया यूजर्स के बारे में नहीं हैं।
Pew ने यह सर्वे 37 देशों के 45,658 वयस्कों के बीच किया। 8 फरवरी से 13 मई 2026 तक चले इस सर्वे में लोगों से सोशल मीडिया और डेमोक्रेसी को लेकर उनकी राय पूछी गई। इससे पहले 2024 की Pew रिसर्च में भी कई देशों में युवाओं की राय सोशल मीडिया को लेकर ज्यादा पॉजिटिव व्यू सामने आए थे।