Moneycontrol » समाचार » विदेश

सिंगापुर में आज से मुर्गे को मारे बिना खा सकेंगे चिकन, यह कंपनी लैब में उगा रही मांस

सिंगापुर में लोग अब बिना जानवरों को मारे, उसके मांस का लुफ्त उठा सकेंगे, आज से सिंगापुर में 1980 नाम के रेस्टोरेंट में लैब में उगाये गए मुर्गे का मांस मिलने लगा है
अपडेटेड Dec 20, 2020 पर 13:29  |  स्रोत : Moneycontrol.com

सिंगापुर में लोग अब बिना जानवरों को मारे, उसके मांस का लुफ्त उठा सकेंगे, आज से सिंगापुर में 1980 नाम के रेस्टोरेंट में लैब में उगाये गए मुर्गे का मांस मिलने लगा है। दरअसल, सिंगापुर ने लैब में बनाए मांस को खाने के मंजूरी दे दी है। ऐसा करने वाला सिंगापुर दुनिया का पहला देश बन गया है। लैब में मुर्गे की कोशिकाओं से डेवलप किए गए इस मांस को क्लीन मीट (clean meat) कहा जा रहा है। लैब में मुर्गे का यह मांस अमेरिकी स्टार्टअप ईट जस्ट (Eat Just) ने तैयार किया है। लैब में उगाये गए मुर्गे के इस मांस से चिकन नगेट्स (Chicken Nuggets) तैयार किया गया और मेहमानों को परोसा गया।

इन Chicken Nuggets का स्वाद लेने वाले लोगों का कहना था कि असली चिकन और लैब में तैयार किए गए इस मांस के नुगेट्स के टेस्ट और टेक्सचर में कोई अंतर नहीं था। इससे पहले ईट जस्ट ने कहा था कि सिंगापुर में उसके इस प्रोडक्ट को बेचने की मंजूरी मिल गई है। इस स्टार्टअप का कहना है कि स्वास्थ्य, पर्यावरण और जानवरों के बचाव की चिंताओं के कारण रेग्युलर मांस के विकल्प की मांग बढ़ी है। ऐसे में मांस का यह अल्टरनेट पर्यावरण को बचाने और चिकन के मांस की कमी को पूरा करने में अहम भूमिका निभाएगा। आपको बता दें कि दुनियाभर में खाए जाने वाले मांस में 70% हिस्सा चिकन का है।

10 साल में 140 अरब डॉलर का होगा बाजार

फाइनेंशियल सर्विस कंपनी बार्कली (Barkley) के मुताबिक, वैकल्पिक मांस का बाजार अगले 10 साल में 140 अरब डॉलर का हो सकता है। यानी यह 1.4 ट्रिलियन डॉलर की मांस इंडस्ट्री का 10% हिस्सा होगा। हाल के दिनों में सुपरमार्केट और रेस्तरां के मेन्यू में बीऑन्ड मीट के साथ इम्पॉसिबल फूड जैसे प्लांट बेस्ड मीट उत्पादकों के मांस की मांग बढ़ी है। आपको बता दें कि प्लांट बेस्ड मीट वैसे मांस को कहते हैं जिन्हें तैयार किया जाता है। ये मांस की तरह ही होते हैं और स्वाद भी वैसा ही होता है। ये बर्गर पैटी, नगेट्स और टुकड़ों के रूप में मिलते हैं। लेकिन ये मांस नहीं होते।

मांसपेशियों की कोशिकाओं से लैब में तैयार किया

ईट जस्ट का मांस प्लांट मीट नहीं है। यह मांस ही है, इसे जानवरों यानी मुर्गे की मांसपेशियों की कोशिकाओं से लैब में तैयार किया गया है। कंपनी का कहना है कि वैश्विक फूड इंडस्ट्री के लिए यह एक अहम खोज है। कंपनी को उम्मीद है कि बाकी के देश भी सिंगापुर की तरह इसे मंजूरी देंगे। आपको बता दें कि इसरायल स्थित फ्यूचर मीट टेक्नॉलजी और बिल गेट्स से जुड़ी कंपनी मेमफिश मीट्स भी लैब में बना मांस बाजार में उतारने की कोशिश कर रही हैं। इनका कहना है कि उत्पाद लोगों की जेब पर भारी नहीं पड़ेगा और स्वाद के मामले में भी अव्वल होगा।

पूरी तरह सुरक्षित है मांस

सिंगापुर फूड एजेंसी (SFA) ने कहा है कि एक एक्सपर्ट वर्किंग ग्रुप ने ईट जस्ट के डेटा की समीक्षा की है। इसमें मैन्युफैक्चरिंग कंट्रोल और चिकन कितना सुरक्षित है, इसकी जांच की गई है। यह मांस जांच में सुरक्षित पाया गया है। ईट जस्ट का कहना है कि मांस तैयार करने की पूरी प्रक्रिया में एंटिबायोटिक्स का इस्तेमाल नहीं किया जाता है। कंपनी के मुताबिक पारंपरिक चिकन की तुलना में उनके लैब में बने चिकन के मांस में माइक्रोबायोलॉजिकल तत्व बहुत कम हैं।

सोशल मीडिया अपडेट्स के लिए हमें Facebook (https://www.facebook.com/moneycontrolhindi/) और Twitter (https://twitter.com/MoneycontrolH) पर फॉलो करें।