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श्रीलंका ने भारत और जापान के साथ मिलकर बनाने वाले पोर्ट टर्मिनल की डील को किया रद्द

श्रीलंका ने भारत और जापान के साथ मिलकर एक बड़ा पोर्ट टर्मिनल बनाने के समझौते पर हस्ताक्षर किया था
अपडेटेड Feb 03, 2021 पर 14:16  |  स्रोत : Moneycontrol.com

श्रीलंका ने भारत को एक झटका देते हुए हिंद महासागर में बनाये जानेवाले पोर्ट टर्मिनल से संबंधित डील को रद्द कर दिया है। रणनीति मोर्चे पर इस डील का रद्द होना भारत के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। श्रीलंका ने भारत और जापान के साथ मिलकर एक बड़ा पोर्ट टर्मिनल बनाने के समझौते पर हस्ताक्षर किया था। लेकिन विपक्ष के देश में एक सप्ताह से चल रहे विरोध प्रदर्शन से तंग होकर प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे डील को रद्द करने का एलान किया है।


न्यूज 18 की खबर के अनुसार श्रीलंका ने दोनों देशों के साथ समझौते के तहत रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण ईस्ट कंटेनर टर्मिनल (ECT) बनाने का निर्णय किया था। इस डील में टर्मिनल का 49 प्रतिशत हिस्सा भारत और जापान के पास होना था। श्रीलंका पोर्ट अथॉरिटी के पास इसमें 51 प्रतिशत का हिस्सा रहता।


बता दें कि भारत और जापान के साथ इस समझौते का कोलंबो पोर्ट ट्रेड यूनियंस खिलाफत कर रहे थे। ECT पर पूरी तरह से श्रीलंका पोर्ट का अधिकार होना चाहिए ऐसा यूनियंस मांग कर रहे थे। जिससे उनकी मंशा जाहिर होती है कि 100 फीसदी हिस्सा वे अपने पास रखना चाहते हैं। श्रीलंका की 23 ट्रेड यूनियंस ने पोर्ट डील का विरोध किया था। भारत की अडाणी समूह के साथ ECT समझौता सही नहीं है ऐसा यूनियंस का आरोप था।


भारत के पड़ोसी देश चीन के मुकाबले भारत भी हिंद महासगार में दबदबा बनाने के लिए श्रीलंका के साथ यह डील की थी। अब श्रीलंका के इस करार को रद्द करना भारत के लिए यह एक रणनीतिक झटका समझा जा रहा है। इस करार का विरोध कर रहे ज्यादातर यूनियन सत्तारूढ़ श्रीलंका पीपुल्स पार्टी से जुड़े हुए हैं। जिससे उनके विरोध के बाद सरकार इस डील पर आगे नहीं बढ़ पा रही है।


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