Arvind Kejriwal Arrest: दिल्ली राउज एवेन्यू कोर्ट से अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) को बड़ा झटका लगा है। कोर्ट ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की रिमांड और चार दिन बढ़ा दी है। ED ने सुनवाई के दौरान सात दिन की रिमांड मांगी थी। ED की तरफ से ASG एसवी राजू और जोएब हसन पेश हुए। वहीं केजरीवाल की तरफ से एडवोकेट रमेश गुप्ता ने दलील दीं।
ASG एसवी राजू ने सुनवाई शुरू होने के बाद कहा कि केजरीवाल का बयान दर्ज किया गया। वे सवालों के सीधे-सीधे जवाब नहीं दे रहे हैं। जो डिजिटल डेटा मिला है, उसका विश्लेषण किया जा रहा है।
आमने-सामने बैठा कर दर्ज करने हैं बयान
ED ने सुनवाई के दौरान कहा कि कुछ लोगों को गोवा से बुलाया गया है। इन लोगों और मुख्यमंत्री को आमने-सामने बैठाकर बयान दर्ज कराना है।
ईडी ने हिरासत के लिए नई अर्जी में कहा कि हिरासत में पूछताछ के दौरान पांच दिन तक मुख्यमंत्री के बयान दर्ज किए गए और वह जवाब देने में टालमटोल कर रहे थे। ईडी ने कहा कि हिरासत के दौरान तीन और लोगों के बयान भी दर्ज किए गए हैं।
ईडी ने रिमांड मांगते हुए कहा कि एक मोबाइल फोन, जो गिरफ्तार किए गए शख्स की पत्नी से जुड़ा है, उस से डेटा निकाला गया है और उसका विश्लेषण किया जा रहा है। हालांकि, 21.03.2024 को अरविंद केजरीवाल के परिसर में तलाशी के दौरान जब्त किए गए 4 और डिजिटल डिवाइस, जो गिरफ्तार किए गए व्यक्ति से जुड़े थे, उनका डेटा अभी तक नहीं निकाला जा सका है, क्योंकि गिरफ्तार व्यक्ति ने अपने वकीलों से परामर्श करने के बाद पासवर्ड/लॉगिन क्रेडेंशियल देने के लिए और समय मांगा है।
'केजरीवाल जांच सहयोग नहीं कर रहे'
ASG राजू ने कहा, "केजरीवाल जांच में सहयोग नहीं कर रहे है। वो सवालों के सीधे-सीधे जवाब नहीं दे रहे है।" इसके बाद ED ने केजरीवाल की 7 दिनो की रिमांड मांगी।
ED ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री जानबूझकर पूछताछ में सहयोग नहीं कर रहे हैं और अभी तक उन्होंने अपने मोबाइल फोन का पासवर्ड भी नहीं दिया है।
इस दौरान कोर्ट में अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) ने खुद ही अपना पक्ष रखा और अपनी गिरफ्तारी को गैर-कानूनी और AAP पार्टी को खत्म करने की साजिश बताई।