अमित शाह ने कांग्रेस, SP, RJD की 'पारिवारिक राजनीति' की आलोचना की, येदियुरप्पा के बेटे को टिकट देने के मामले को बताया अलग

Karnataka Assembly Election: अमित शाह (Amit Shah) ने जवाहरलाल नेहरू, इंदिरा गांधी, राजीव गांधी, सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा का नाम लेते हुए कांग्रेस का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि पार्टी के नेतृत्व को नियंत्रित करना ही 'परिवार की राजनीति' है। BJP के वरिष्ठ नेता इन दिनों 10 मई को होने वाले कर्नाटक विधानसभा चुनाव के लिए प्रचार कर रहे हैं

अपडेटेड May 02, 2023 पर 9:17 PM
केंद्रीय मंत्री अमित शाह विधानसभा चुनाव से पहले हंगल में BJP उम्मीदवारों के समर्थन में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए (PHOTO-PTI)

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने एक बार फिर कांग्रेस (Congress), राष्ट्रीय जनता दल (RJD) और समाजवादी पार्टी (SP) जैसी पार्टियों की "पारिवारिक राजनीति" को निशाने पर लिया है। BJP के वरिष्ठ नेता इन दिनों 10 मई को होने वाले कर्नाटक विधानसभा चुनाव (Karnataka Assembly Election) के लिए प्रचार कर रहे हैं। अमित शाह ने News18 कन्नड़ को एक इंटरव्यू दिया।

उन्होंने बीएस येदियुरप्पा के बेटे बीवाई विजयेंद्र को मैदान में उतारने के फैसले के बारे में पूछे जाने पर कहा, "येदियुरप्पा चुनावी राजनीति में नहीं हैं। पारिवारिक राजनीति का क्या अर्थ है?"

इसके बाद उन्होंने जवाहरलाल नेहरू, इंदिरा गांधी, राजीव गांधी, सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा का नाम लेते हुए कांग्रेस का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि पार्टी के नेतृत्व को नियंत्रित करना ही 'परिवार की राजनीति' है।


उन्होंने कहा, “मुलायम सिंह यादव के बाद उनके बेटे अखिलेश ने गद्दी संभाली। लालू प्रसाद के बाद तेजप्रताप और तेजस्वी यादव थे। बालासाहेब ठाकरे, उद्धव ठाकरे और आदित्य ठाकरे। इसे कहते हैं परिवार की राजनीति। बेटे का चुनाव लड़ना परिवार की राजनीति नहीं है।"

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उन्होंने बीजेपी का उदाहरण देते हुए कहा, "लालकृष्ण आडवाणी BJP अध्यक्ष थे, उसके बाद वेंकैया नायडू, राजनाथ सिंह, नितिन गडकरी, खुद मैं और फिर जेपी नड्डा थे।"

उन्होंने पूछा, “अटल बिहारी वाजपेयी प्रधानमंत्री थे। तब आडवाणी विपक्ष के नेता थे। फिर नरेंद्र मोदी ने कमान संभाली। इसमें परिवार की राजनीति कहां है?”

सत्तारूढ़ बीजेपी राज्य में सत्ता बरकरार रखने के लिए हर संभव कोशिश कर रही है, जिसे भगवा पार्टी के लिए दक्षिण के एंट्री गेट के रूप में देखा जाता है। इसका विपक्षी कांग्रेस और जनता दल (सेक्युलर) के साथ मुकाबला चल रहा है।

कर्नाटक में 10 मई को मतदान है और नतीजे 13 मई को आएंगे।

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